ब्रेकिंग
बिहार के 30 हजार भूमिहीन परिवारों को जमीन देगी सरकार, इस दिन मिलेगा प्रमाण-पत्र; सभी जिलों को निर्देश जारीबिहार के कोचिंग संस्थानों पर हाई कोर्ट में PIL दायर, मानकों के उल्लंघन की जांच की मांगशिक्षा विभाग में DPO प्रतिनियुक्ति का बड़ा खेल ! सारण ही नहीं मोतिहारी डीपीओ भी 4 सालों से हैं 'डेपूटेशन' पर, तबादला के बाद फिर से पूर्वी चंपारण में करा ली थी वापसी, खुलासे के बाद उठे गंभीर सवाल ‘अगर कोई हम पर रिवॉल्वर तानता है तो उसे कैसे छोड़ा जा सकता है’, भरत तिवारी एनकाउंटर पर फिर बोले जीतन राम मांझीभरत तिवारी को न्याय दिलाने की मांग तेज, 17 जुलाई को जंतर-मंतर पर धरना, जांच पर उठे सवालबिहार के 30 हजार भूमिहीन परिवारों को जमीन देगी सरकार, इस दिन मिलेगा प्रमाण-पत्र; सभी जिलों को निर्देश जारीबिहार के कोचिंग संस्थानों पर हाई कोर्ट में PIL दायर, मानकों के उल्लंघन की जांच की मांगशिक्षा विभाग में DPO प्रतिनियुक्ति का बड़ा खेल ! सारण ही नहीं मोतिहारी डीपीओ भी 4 सालों से हैं 'डेपूटेशन' पर, तबादला के बाद फिर से पूर्वी चंपारण में करा ली थी वापसी, खुलासे के बाद उठे गंभीर सवाल ‘अगर कोई हम पर रिवॉल्वर तानता है तो उसे कैसे छोड़ा जा सकता है’, भरत तिवारी एनकाउंटर पर फिर बोले जीतन राम मांझीभरत तिवारी को न्याय दिलाने की मांग तेज, 17 जुलाई को जंतर-मंतर पर धरना, जांच पर उठे सवाल

Jharkhand में भी तेजी से बढ़ रहा H3N2 इंफ्लूएंजा का खतरा, कोरोना जैसे हैं लक्षण

RANCHI: देश के कई राज्यों में H3N2 इंफ्लूएंजा वायरस की चपेट में लोग तेजी से आ रहे हैं. इस बीमारी के लक्षण कोरोना से मिलते जुलते हैं. अब झारखंड में भी एच3एन2 इंफ्लूएंजा फैलने की आशं

Jharkhand में भी तेजी से बढ़ रहा H3N2 इंफ्लूएंजा का खतरा, कोरोना जैसे हैं लक्षण
Aprajita  Shila
Aprajita Shila
2 मिनट

RANCHI: देश के कई राज्यों में H3N2 इंफ्लूएंजा वायरस की चपेट में लोग तेजी से आ रहे हैं. इस बीमारी के लक्षण कोरोना से मिलते जुलते हैं. अब झारखंड में भी एच3एन2 इंफ्लूएंजा फैलने की आशंका है. इसके लक्षण को नजर अंदाज करने वाले लोगों को भरी पड़ सकता है. इस बीमारी से जान जाने तक का खतरा भी है. 


इस जानलेवा बीमारी को लेकर रिम्स के विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ संजय ने बताया कि इस बीमारी में लंबी खांसी, सांस फूलने, साथ ही बॉडी में लगातार थकन की शिकायत रहती है. अगर ऐसा कोई भी लक्षण लगे तो तुरंत जांच करना चाहिए. अगर समय पर जांच नहीं करते है तो अंतिम समय पर लोगों को बचा पाना मुश्किल हो जाता है. जिससे जान जाने का खतरा बना रहता है. वही समय पर पता चल जायेगा तो रोगी को बचाना आसान हो जाता है.


डॉ ने बताया कि अगर ऐसा कोई भी लक्षण भी दिखता है तो सबसे पहले इलाज कराए और घर में किसी सदस्य को है लक्षण तो एन-95 मास्क का प्रयोग करें. क्योंकि यह वायरल बीमारी है, सांसों के जरिए भी एक दूसरे में जा सकता है.

टैग्स