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सोरेन सरकार को हाईकोर्ट से बड़ा झटका, JPSC परीक्षा रद्द करने के आदेश पर लगाई रोक

Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट ने JPSC की 11वीं से 13वीं परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा को रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश पर रोक लगा दी है। अदालत ने सरकार को 15 दिनों में काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया है।

Jharkhand High Court
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Mukesh Srivastava
4 मिनट

Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट ने हेमंत सोरेन सरकार को बड़ा झटका देते हुए झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा से जुड़े राज्य सरकार के आदेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। सरकार ने इन परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया था, जिसे अब हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है।



मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार के उस आदेश पर स्टे दिया, जिसके तहत दोनों परीक्षाओं से संबंधित कार्रवाई की गई थी। अदालत ने राज्य सरकार को 15 दिनों के भीतर काउंटर एफिडेविट दाखिल कर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। सरकार को संबंधित दस्तावेजों के साथ अपना जवाब अदालत के समक्ष पेश करना होगा।



सफल अभ्यर्थियों के लिए राहत

हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद दोनों परीक्षाओं से जुड़े सफल अभ्यर्थियों के लिए राहत की उम्मीद बढ़ गई है। याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि उन्होंने परीक्षा में मेहनत और योग्यता के आधार पर सफलता हासिल की है और कई अभ्यर्थियों की नियुक्ति भी हो चुकी है। कुछ अभ्यर्थी संबंधित सरकारी विभागों में काम भी शुरू कर चुके हैं।



अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि परीक्षा में किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो दोषी अभ्यर्थियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, लेकिन सभी सफल उम्मीदवारों को इसका खामियाजा नहीं भुगतना चाहिए।



22 भर्ती परीक्षाएं रद्द करने का लिया गया था फैसला

दरअसल, झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर 26 दिनों से चल रहा आंदोलन फिलहाल स्थगित हो गया था। प्रदर्शनकारियों के साथ कई दौर की बातचीत के बाद राज्य सरकार ने वर्ष 2014 से अब तक JPSC, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) और एक आउटसोर्स एजेंसी के जरिए आयोजित 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया था।



इसके अलावा सरकार ने 23 अन्य परीक्षाओं की जांच कराने का भी आदेश दिया था। सरकार के इस फैसले के बाद सफल अभ्यर्थियों के बीच असंतोष बढ़ गया और करीब 2,000 सफल अभ्यर्थियों ने इसका विरोध किया।



सरकार के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती

विशेष रूप से JSSC संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा (JSSC-CGL) के जरिए सरकारी नौकरी पाने वाले अभ्यर्थियों ने परीक्षा रद्द करने के फैसले पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि परीक्षा प्रक्रिया में यदि गड़बड़ी हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन पूरी परीक्षा को रद्द करने से मेहनत और योग्यता के आधार पर चयनित अभ्यर्थी प्रभावित होंगे।



इसी मामले को लेकर कई सफल अभ्यर्थियों ने झारखंड हाईकोर्ट का रुख किया। याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अदालत ने फिलहाल JPSC की 11वीं से 13वीं परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा से जुड़े सरकार के आदेश पर रोक लगा दी है। अब राज्य सरकार को 15 दिनों के भीतर अपना जवाब दाखिल करना होगा। इसके बाद मामले में अदालत की आगे की सुनवाई और आदेश पर सबकी नजर रहेगी।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता