ब्रेकिंग
BIHAR: बनमनखी के केंद्रीयकृत रसोईघर में SDM का छापा, भोजन की गुणवत्ता से लेकर अग्नि सुरक्षा तक मिलीं खामियां✦मध्य प्रदेश में बंधक बनाए गए बिहार के मजदूरों को छुड़ाने की मांग, बिहार भवन ने जिला प्रशासन को लिखा पत्र✦नितिन नबीन ने विनय बिहारी की लगाई फटकार, कहा..सम्राट चौधरी सरकार के खिलाफ बोले तो खैर नहीं!✦त्योहार से पहले मिलावटखोरों पर शिकंजा, सीतामढ़ी में मिठाई और केक की दुकानों पर रेड✦बिहार की बेटी अंजलि का कमाल: मॉस्को में संभाली बड़ी जिम्मेदारी… बनीं देश की पहली महिला सैन्य राजनयिक✦BIHAR: बनमनखी के केंद्रीयकृत रसोईघर में SDM का छापा, भोजन की गुणवत्ता से लेकर अग्नि सुरक्षा तक मिलीं खामियां✦मध्य प्रदेश में बंधक बनाए गए बिहार के मजदूरों को छुड़ाने की मांग, बिहार भवन ने जिला प्रशासन को लिखा पत्र✦नितिन नबीन ने विनय बिहारी की लगाई फटकार, कहा..सम्राट चौधरी सरकार के खिलाफ बोले तो खैर नहीं!✦त्योहार से पहले मिलावटखोरों पर शिकंजा, सीतामढ़ी में मिठाई और केक की दुकानों पर रेड✦बिहार की बेटी अंजलि का कमाल: मॉस्को में संभाली बड़ी जिम्मेदारी… बनीं देश की पहली महिला सैन्य राजनयिक

पुलिस ने युवक को बनाया बंधक, 2 माह से थाने में करा रहे नौकर का काम

JAMSHEDPUR: झारखंड पुलिस का अनोखा कारनामा सामने आया है. जिस युवक को उसने मोबाइल चोरी के आरोप में पकड़ा था उसको जेल भेजने के बदले दो माह से थाने में रखा हुआ है. उससे पुलिस थाने

FirstBihar
Manish Kumar
2 मिनट

JAMSHEDPUR: झारखंड पुलिस का अनोखा कारनामा सामने आया है. जिस युवक को उसने मोबाइल चोरी के आरोप में पकड़ा था उसको जेल भेजने के बदले दो माह से थाने में रखा हुआ है. उससे पुलिस थाने में साफ सफाई कराती है. थाना में झाडू और पोछा लगवाती है. यह कारनामा सिदगोड़ा थाना का है. 

बताया जा रहा है कि बागुनगर के अजय रविदास को पुलिस ने मोबाइल चोरी के आरोप में पकड़ा था. उसके बाद से पुलिस उसको जेल भेजने के बदले थाना में ही जबरन रखी हुई है. जब भी वह घर जाने के लिए बोलता है तो पुलिस उसको जेल भेजने की धमकी देती है.  पुलिस कर्मी कभी उससे गाड़ी की सफाई कराते है तो कभी अपना बर्तन साफ करवाते है. इसके बदले में पैसा भी नदीं देते हैं. 

 मां कर रही इंतजार

बताया जा रहा है कि अजय की मां की तबीयत खराब है. वह अपने बेटे का आने का इंतजार कर रही है, लेकिन पुलिस उससे छोड़ने को तैयार नहीं है. अजय की मां लक्ष्मी का कहना है कि बेटा ने किसी का मोबाइल लिया था. इसके बाद पुलिस पकड़ ले गई. पहले कहा था कि 10 दिन में छोड़ देंगे, लेकिन आजतक नहीं छोड़ा. तबीयत खराब रहता है. खाने के लिए पैसा नहीं है. कोई कुछ दे देता है तो खा लेते है. मामला जब तूल पकड़ा तो थानेदार ने सफाई दी और कहा कि गरीब है इसलिए इसको जेल नहीं भेजा गया है.