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जुलाई से बंगाल में बनेंगे आयुष्मान भारत कार्ड, स्वास्थ्य योजनाओं के लिए केंद्र ने दिए 976 करोड़

पश्चिम बंगाल जुलाई 2026 से फिर आयुष्मान भारत योजना से जुड़ने जा रहा है। सीएम शुभेंदु अधिकारी ने जेपी नड्डा के साथ बैठक के बाद राज्य में आयुष्मान कार्ड वितरण, वैक्सीनेशन अभियान और नए मेडिकल कॉलेजों की घोषणा की।

पश्चिम बंगाल
7 साल बाद आयुष्मान भारत योजना की वापसी
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

KOLKATA:पश्चिम बंगाल एक बार फिर केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना से जुड़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ हुई वर्चुअल बैठक के बाद घोषणा की है। अब जुलाई 2026 से राज्य में आयुष्मान भारत कार्ड बनाए जाने शुरू हो जाएंगे। इसके लिए पश्चिम बंगाल को 976 करोड़ रुपए का केंद्रीय आवंटन मिला है।


मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की स्वास्थ्य साथी योजना के तहत कवर किए जा रहे करीब छह करोड़ लाभार्थियों को अब आयुष्मान भारत योजना में शामिल किया जाएगा। इससे न केवल राज्य के लोगों को बल्कि दूसरे राज्यों में काम करने वाले बंगाल के श्रमिकों और नागरिकों को भी लाभ मिलेगा।


बता दें कि आयुष्मान भारत योजना पश्चिम बंगाल में 23 सितंबर 2018 को शुरू हुई थी, लेकिन तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस सरकार ने 10 जनवरी 2019 को इस योजना से खुद को अलग कर लिया था। उस समय राज्य सरकार ने अपनी ‘स्वास्थ्य साथी’ योजना को प्राथमिकता दी थी। योजना की ब्रांडिंग और श्रेय को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच विवाद भी हुआ था। अब राज्य सरकार ने दोबारा इस योजना से जुड़ने का फैसला लिया है। बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा पिछले दो वर्षों में जारी किए गए फंड, जिन्हें पूर्व सरकार ने स्वीकार नहीं किया था, अब वापस लिए जाएंगे और नए सिरे से योजना लागू की जाएगी।


बैठक में पश्चिम बंगाल के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने हेतु कई बड़े फैसले लिए गए। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार राज्य को सात लाख से अधिक वैक्सीन डोज उपलब्ध कराएगी। यह अभियान 30 मई से कोलकाता के बिधाननगर अस्पताल से शुरू होगा। इसके साथ ही राज्य में 30 मई से सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण अभियान भी शुरू किया जाएगा। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (PM-ABHIM) और अन्य स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई।



केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए हरसंभव सहायता देगी। केंद्र सरकार ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत पश्चिम बंगाल के लिए कुल 3,505.59 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से पहली किस्त के रूप में 527.58 करोड़ रुपए जारी भी कर दिए गए हैं। बैठक में HPV वैक्सीनेशन अभियान और टीबी मुक्त भारत अभियान को राज्य में प्रभावी तरीके से लागू करने पर भी जोर दिया गया। नड्डा ने कहा कि इन अभियानों को सफल बनाने में जनता की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण होगी।



राज्य में 469 प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र खोलने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके अलावा अलीपुरद्वार, कालिम्पोंग, दक्षिण दिनाजपुर और पश्चिम बर्धमान में नए मेडिकल कॉलेज खोलने के प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे गए हैं। उत्तर बंगाल में एम्स (AIIMS) खोलने का प्रस्ताव भी केंद्र को भेजा गया है। स्वास्थ्य सेवाओं के पुनर्निर्माण के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 2103 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। शनिवार को ही राज्य को 500 करोड़ रुपए जारी किए गए। केंद्र सरकार ने यह भी कहा कि यदि राज्य सरकार 2021-22 का यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट 30 मई तक जमा कर देती है, तो पिछले वर्षों की रुकी हुई राशि भी जल्द जारी कर दी जाएगी। बैठक में राज्य में डॉक्टरों और नर्सों की भारी कमी पर भी चिंता जताई गई। बताया गया कि स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 53 प्रतिशत डॉक्टर और नर्स ही कार्यरत हैं। इसके अलावा पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई। कोलकाता, मुर्शिदाबाद, पूर्व बर्धमान, बीरभूम और मालदा जिलों की स्थिति सबसे अधिक गंभीर बताई गई।