ब्रेकिंग
तीन महीने से नहीं मिला वेतन, अचानक सदर अस्पताल के सुरक्षा गार्डों ने छोड़ी ड्यूटी; आश्वासन के बाद काम पर लौटेPatna PhD Protest : 19 दिन से अनशन, अब लोकभवन की ओर कूच! बैरिकेडिंग पर चढ़े PhD होल्डर्स,MLC चुनाव में बिगाड़ेंगे खेल बिहार में प्रमोशन घोटाला ! जांच में धरा गए DEO और RDDE, शिक्षा विभाग के दोनों अफसरों की प्रोन्नति रद्द, जानें पूरा मामला... बिहार में उफान पर नदियां: पटना से भागलपुर तक गंगा का जलस्तर बढ़ा, कई जिलों पर खतरा मंडराया; अलर्ट मोड में सरकारबिहार में 2030 तक 13 एयरपोर्ट से उड़ानें, दिल्ली-मुंबई के लिए सीधी फ्लाइट; इन शहरों को मिलेगी कनेक्टिविटीतीन महीने से नहीं मिला वेतन, अचानक सदर अस्पताल के सुरक्षा गार्डों ने छोड़ी ड्यूटी; आश्वासन के बाद काम पर लौटेPatna PhD Protest : 19 दिन से अनशन, अब लोकभवन की ओर कूच! बैरिकेडिंग पर चढ़े PhD होल्डर्स,MLC चुनाव में बिगाड़ेंगे खेल बिहार में प्रमोशन घोटाला ! जांच में धरा गए DEO और RDDE, शिक्षा विभाग के दोनों अफसरों की प्रोन्नति रद्द, जानें पूरा मामला... बिहार में उफान पर नदियां: पटना से भागलपुर तक गंगा का जलस्तर बढ़ा, कई जिलों पर खतरा मंडराया; अलर्ट मोड में सरकारबिहार में 2030 तक 13 एयरपोर्ट से उड़ानें, दिल्ली-मुंबई के लिए सीधी फ्लाइट; इन शहरों को मिलेगी कनेक्टिविटी

विपक्षी दलों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, ED-CBI के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई से SC ने किया इनकार

DESK: सुप्रीम कोर्ट से कांग्रेस समेत 14 राजनीतिक दलों को बड़ा झटका लगा है। केंद्रीय जांच एजेंसियों के मनमाने इस्तेमाल को लेकर सभी की तरफ से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्

विपक्षी दलों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, ED-CBI के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई से SC ने किया इनकार
Mukesh Srivastava
2 मिनट

DESK: सुप्रीम कोर्ट से कांग्रेस समेत 14 राजनीतिक दलों को बड़ा झटका लगा है। केंद्रीय जांच एजेंसियों के मनमाने इस्तेमाल को लेकर सभी की तरफ से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने याचिका सुनवाई योग्य नहीं माना है। कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए उसे खारिज कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद सभी 14 विपक्षी दलों को बड़ा झटका लगा है।


कांग्रेस समेत 14 विपक्षी पार्टियों ने केंद्र सरकार पर जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट से इसपर एक्शन लेने की मांग की थी। इस याचिका के जरिए 14 विपक्षी दलों ने आरोप लगाया गया था कि केंद्र सरकार केंद्रीय जांच एजेंसियों का विपक्षी नेताओं के खिलाफ गलत इस्तेमाल कर रही। इसको रोकने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई लेकिन कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। जिसके बाद विपक्षी पार्टियों को अपनी याचिका वापस लेनी पड़ गई।


चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूर्ण ने कहा कि ये मामला सुनवाई योग्य नहीं है। उन्होंने कहा कि ये सामान्य सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है राजनेता आम इंसान से बढ़कर नहीं है। उन्होंने कहा है कि देश में नेताओं के लिए अलग नियम नहीं हो सकते हैं, इसी वजह से इस याचिका पर सुनवाई संभव नहीं। इसके साथ ही कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया और विपक्षी दलों को अपनी याचिका वापस लेने पड़ी।


बता दें कि 24 मार्च को कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, झारखंड मुक्ति मोर्चा, जनता दल यूनाइटेड, भारत राष्ट्र समिति, राष्ट्रीय जनता दल, समाजवादी पार्टी, शिवसेना (उद्धव) नेशनल कॉन्फ्रेंस, नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी  सीपीआई, सीपीएम, डीएमके समेत अन्य की तरफ से याचिका दायर हुई थी। जिसमें कहा गया था कि लोकतंत्र खतरे में है और केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।