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80वें स्वतंत्रता दिवस पर पहली बार लाल किले की प्राचीर से गूंजेगा ‘वंदे मातरम’

15 अगस्त 2026 को 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में पहली बार लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ प्रस्तुत किया जाएगा। रक्षा मंत्रालय ने समारोह के नए क्रम और विशेष तैयारियों की जानकारी दी है।

दिल्ली न्यूज
‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने का प्रतीक
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

नई दिल्ली: भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में इस साल एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिलेगा। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, पहली बार लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ गाया जाएगा। इसे आधिकारिक तौर पर स्वतंत्रता दिवस समारोह के क्रम में शामिल किया गया है।


हर साल की तरह इस बार भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और देश को संबोधित करेंगे। हालांकि, इस बार समारोह की शुरुआत एक नए क्रम के साथ होगी। प्रधानमंत्री के आगमन के बाद सबसे पहले ‘वंदे मातरम’ प्रस्तुत किया जाएगा, उसके बाद तिरंगा फहराया जाएगा और फिर राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ गाया जाएगा।


‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने का प्रतीक

रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस वर्ष का समारोह ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में विशेष महत्व रखता है। यह गीत समारोह का प्रमुख आकर्षण होगा। साथ ही इस वर्ष की थीम ‘युवा शक्ति – विकसित भारत की यात्रा का नेतृत्व’ निर्धारित की गई है, जिसका उद्देश्य देश के विकास में युवाओं की भूमिका को प्रमुखता देना है।


ऐतिहासिक महत्व रखता है ‘वंदे मातरम’

बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित ‘वंदे मातरम’ भारत के स्वतंत्रता संग्राम का एक प्रमुख प्रेरक गीत रहा है। यह पहली बार 1882 में उनके उपन्यास ‘आनंदमठ’ में प्रकाशित हुआ था। बाद में इसकी प्रारंभिक पंक्तियों को भारत के राष्ट्रगीत के रूप में स्वीकार किया गया। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इस गीत ने राष्ट्रवादी चेतना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वतंत्रता सेनानियों ने इसे मातृभूमि के प्रति समर्पण, त्याग और राष्ट्रीय एकता के प्रतीक के रूप में अपनाया।


समारोह में विशेष आकर्षण और सुरक्षा व्यवस्था

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान भारतीय वायु सेना का एक हेलीकॉप्टर विशाल राष्ट्रीय ध्वज के साथ उड़ान भरेगा, जो ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने का प्रतीक होगा। इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने वाले युवाओं को भी सम्मानित करेंगे।


स्वतंत्रता दिवस समारोह की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। लाल किले और आसपास के क्षेत्रों में 20,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी। निगरानी के लिए 1,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे, फेस रिकग्निशन सिस्टम और ड्रोन डिटेक्शन सिस्टम का उपयोग किया जाएगा। 15 अगस्त की तैयारी शुरू कर दी गयी है। 

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