FSSAI Action: त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट और खराब गुणवत्ता वाले उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने देशभर में बड़ी कार्रवाई की है। 1 सितंबर से 5 नवंबर तक चलाए गए विशेष जांच अभियान में 82 करोड़ रुपये से अधिक कीमत के 3,280 टन प्रतिबंधित और खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले खाद्य पदार्थ जब्त किए गए हैं। जब्त किए गए सामानों में पनीर, घी, दूध और मिठाइयां शामिल हैं।
इस अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की गई। FSSAI ने 52 खाद्य लाइसेंस रद्द किए, जबकि 1,133 लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। इसके अलावा नियमों का पालन नहीं करने वाले 314 खाद्य प्रतिष्ठानों को सील किया गया है।
FSSAI ने शनिवार को सोशल मीडिया के माध्यम से विशेष जांच अभियान की जानकारी साझा की। अथॉरिटी के मुताबिक, त्योहारों के मद्देनजर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए देशभर में निगरानी बढ़ाई गई थी। इस दौरान कुल 56,431 खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई। जांच में कई जगहों पर खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाया गया, जिसके बाद संबंधित कारोबारियों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
अथॉरिटी के अनुसार, अभियान के दौरान कुल 3,279.57 टन खाद्य पदार्थ जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 81.80 करोड़ रुपये है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य बाजार में बिकने वाले खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और मिलावट के मामलों पर अंकुश लगाना है।
जांच अभियान के दौरान खाद्य कारोबार से जुड़े लोगों को नियमों का पालन करने के लिए 10,047 सुधार नोटिस भी जारी किए गए। इन नोटिस के जरिए कारोबारियों को अपने प्रतिष्ठानों में पाई गई खामियों को दूर करने और निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप कारोबार करने के निर्देश दिए गए हैं।
FSSAI ने स्पष्ट किया कि जिन खाद्य उत्पादों में निर्धारित गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया गया, उन्हें बाजार से हटाने के लिए जब्ती की कार्रवाई की गई। अभियान में दूध और उससे बने उत्पादों के अलावा मिठाइयों की भी विशेष रूप से जांच की गई।
त्योहारों के दौरान दूध, घी, पनीर और मिठाइयों की मांग काफी बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए FSSAI ने इन खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी। इसका उद्देश्य मिलावटी और खराब गुणवत्ता वाले उत्पादों की बिक्री रोकना और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है।
FSSAI ने बताया कि चालू कैलेंडर वर्ष में खाद्य कारोबारियों के साथ-साथ ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ भी निगरानी और कार्रवाई बढ़ाई गई है। अब बाजार में दुकानों और प्रतिष्ठानों के जरिए बिकने वाले खाद्य उत्पादों के अलावा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बेचे जा रहे खाद्य सामानों की गुणवत्ता की भी जांच की जा रही है।
अथॉरिटी का उद्देश्य ग्राहकों तक सुरक्षित और निर्धारित मानकों के अनुरूप खाद्य पदार्थ पहुंचाना है। खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। देशभर में चलाया गया यह विशेष अभियान इसी व्यापक निगरानी व्यवस्था का हिस्सा है।





