ब्रेकिंग
Bihar News : बांकीपुर उपचुनाव में बड़ा आदेश! अब बिना अनुमति सभा-जुलूस किया तो होगी कार्रवाईBihar News : 35 साल पुराने विस्फोट केस में बड़ा फैसला! पूर्व सांसद सूरजभान सिंह समेत 3 आरोपित बरीBihar News: अब नहीं बचेगा कोई अपराधी! बिहार पुलिस मुख्यालय ने सभी एसपी को जारी किए सख्त निर्देशBihar Weather Today: पटना में उमस से लोग बेहाल, दरभंगा-मधुबनी समेत कई जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्टभोजपुर एनकाउंटर मामला: भरत तिवारी की मां 9 जुलाई से करेंगी भूख हड़ताल, परिवार ने सरकार के सामने रखीं पांच मांगेंBihar News : बांकीपुर उपचुनाव में बड़ा आदेश! अब बिना अनुमति सभा-जुलूस किया तो होगी कार्रवाईBihar News : 35 साल पुराने विस्फोट केस में बड़ा फैसला! पूर्व सांसद सूरजभान सिंह समेत 3 आरोपित बरीBihar News: अब नहीं बचेगा कोई अपराधी! बिहार पुलिस मुख्यालय ने सभी एसपी को जारी किए सख्त निर्देशBihar Weather Today: पटना में उमस से लोग बेहाल, दरभंगा-मधुबनी समेत कई जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्टभोजपुर एनकाउंटर मामला: भरत तिवारी की मां 9 जुलाई से करेंगी भूख हड़ताल, परिवार ने सरकार के सामने रखीं पांच मांगें

यूनिफॉर्म सिविल कोड पर आज सुनवाई, दिल्ली हाईकोर्ट करेगा याचिका पर सुनवाई

DELHI : अयोध्या विवाद समेत तमाम बड़े मामलों पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद अब सबकी नजरें कॉमन सिविल कोड यानी समान नागरिक संहिता से जुड़े मामले पर टिक गई हैं। यूनिफॉर्म सिविल कोड पर आज दिल्ली

FirstBihar
Khushboo Gupta
2 मिनट

DELHI : अयोध्या विवाद समेत तमाम बड़े मामलों पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद अब सबकी नजरें कॉमन सिविल कोड यानी समान नागरिक संहिता से जुड़े मामले पर टिक गई हैं। यूनिफॉर्म सिविल कोड पर आज दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्रीय गृह मंत्रालय और विधि आयोग को नोटिस जारी कर पक्ष रखने को कहा था। 


बीजेपी नेता और अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय सहित अन्य याचिकाकर्ताओं की तरफ से दायर की गई जनहित याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट आज सुनवाई करेगा। अश्विनी कुमार उपाध्याय ने अपनी याचिका में सभी धर्मों और संप्रदायों के रीति-रिवाजों को ध्यान में रखते हुए यूनिफॉर्म सिविल कोड का मसौदा तैयार करने की मांग की है। 


याचिकाकर्ता के मुताबिक अनुच्छेद 44 का उद्देश्य समान नागरिक संहिता लागू करना है जो राष्ट्रीय एकता के साथ-साथ आपसी भाईचारा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहले ही एक टिप्पणी कर चुका है कि संविधान का निर्माण करने वालों को उम्मीद थी कि भारत में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता सुनिश्चित कराने का प्रयास होगा लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।