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लाठीचार्ज मामला: सुप्रीम कोर्ट ने बिहार समेत कई राज्यों को जारी किया नोटिस, कहा- जांच करें और जवाबदेही तय हो

Supreme Court: जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान पुलिस के कथित लाठीचार्ज और बल प्रयोग के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय करने पर जोर दिया है। कोर्ट ने बिहार समेत कई राज्यों को नोटिस जारी किया है।

Supreme Court News
© File
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Supreme Court: दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज और आंसूगैस के इस्तेमाल का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। मंगलवार 28 जुलाई को हुई सुनवाई में सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदारी भी तय की जानी चाहिए।



सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन बाद में हिंसा कैसे हुई, इसकी जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि इसके पीछे दो संभावित कारण हो सकते हैं या तो पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया, या फिर प्रदर्शनकारियों के बीच ऐसे लोग शामिल हो गए जिन्होंने जानबूझकर हिंसा भड़काई। उन्होंने कहा कि भविष्य के लिए स्पष्ट प्रोटोकॉल तैयार होने से जवाबदेही तय करना आसान होगा।



याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि पुलिस उग्र तत्वों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सकती है, लेकिन जहां तक संभव हो बल प्रयोग से बचना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ पुलिसकर्मी बिना वर्दी के हथियारों के साथ मौजूद थे और उन्होंने भी बल प्रयोग किया।



याचिकाकर्ता ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पूर्व मुख्य न्यायाधीश की निगरानी में विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग की। साथ ही प्रदर्शनकारियों की डिजिटल तकनीक के जरिए पहचान कर उसे सार्वजनिक करने पर भी रोक लगाने की अपील की गई। उनका कहना था कि प्रदर्शन में कई छात्र और नाबालिग भी शामिल थे।



सुनवाई के दौरान एक वकील ने बिहार में हुए छात्र प्रदर्शन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि वहां 13 साल तक के नाबालिग बच्चों को भी हिरासत में लिया गया। वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने जुनैद नामक व्यक्ति के कथित उत्पीड़न का मुद्दा उठाया, जिस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि यह अलग मामला है।



मामले की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, असम, केरल और गुजरात को नोटिस जारी किया। अदालत ने कहा कि याचिकाओं में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और जीवन के अधिकार का हवाला देते हुए दिल्ली सहित कई राज्यों में पुलिस द्वारा कथित अत्यधिक बल प्रयोग की शिकायत की गई है।



सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पुलिस अपनी जांच जारी रख सकती है, लेकिन फिलहाल किसी तरह की कठोर कार्रवाई न करे। अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि याचिकाओं में लाठीचार्ज, पैलेट गन और आंसूगैस के इस्तेमाल के आरोप लगाए गए हैं, जिनसे कुछ लोगों की आंखों को नुकसान पहुंचा और कई मीडिया कर्मियों के घायल होने की भी बात कही गई है।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता