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जनसंख्या बढ़ाने वाले बयान को लेकर शंकराचार्य ने मोहन भागवत को दी नसीहत, कहा..आप शादी करके बच्चे पैदा क्यों नहीं करते!

बरेली में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मोहन भागवत के जनसंख्या बढ़ाने वाले बयान पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले खुद शादी कर उदाहरण पेश करें।

उत्तर प्रदेश न्यूज
मोहन भागवत पर कसा तंज
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

DESK: बरेली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के जनसंख्या बढ़ाने वाले बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। कहा कि यदि जनसंख्या बढ़ाना इतना आवश्यक है, तो जो लोग यह सलाह दे रहे हैं, उन्हें पहले खुद अपने जीवन में इसे अपनाना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मोहन भागवत और उनके सहयोगी पहले विवाह करें और बच्चे पैदा करें, फिर दूसरों को ऐसी सलाह दें।


शंकराचार्य ने कहा कि समाज को दिशा देने वाले व्यक्तियों को वही आचरण करना चाहिए, जिसकी वे दूसरों से अपेक्षा करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एक ओर सरकार जनसंख्या विस्फोट की बात करती है, जबकि दूसरी ओर कुछ लोग जनसंख्या बढ़ाने की सलाह दे रहे हैं, जो विरोधाभासी है। उन्होंने सवाल उठाया कि दूसरों पर इस तरह का बोझ क्यों डाला जा रहा है।


उन्होंने आगे कहा कि धर्म और जनसंख्या जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बयान देने से पहले नेताओं को अपने आचरण पर विचार करना चाहिए। साथ ही, उन्होंने समाज में संतुलन और सद्भाव बनाए रखने की अपील की।


कार्यक्रम के दौरान शंकराचार्य ने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि किसी भी युद्ध में एक पक्ष न्याय का और दूसरा अन्याय का होता है। उदाहरण देते हुए उन्होंने अमेरिका, इजराइल और ईरान के संदर्भ में वैश्विक चुप्पी पर चिंता जताई और इसे मानवता के प्रति अपराध बताया।


उन्होंने भारत की पारंपरिक गुटनिरपेक्ष नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान समय में देश की भूमिका को लेकर लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं। साथ ही, उन्होंने आम जनता की समस्याओं, जैसे महंगाई और गैस की कमी, का जिक्र करते हुए कहा कि इन मुद्दों पर सरकार को अधिक ध्यान देना चाहिए।


शंकराचार्य ने गो-माता की सुरक्षा के लिए कानून बनाने की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि जनता को अपने मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर मतदान करना चाहिए और भटकाने वाले विषयों से दूर रहना चाहिए।

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