चिकन 840 और चावल 320 रुपये किलो: पाकिस्तान में लगातार 23वें हफ्ते बढ़ी महंगाई

आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान में महंगाई लगातार 23वें हफ्ते बढ़ी है। चिकन, चावल, गेहूं, चीनी और गैस की कीमतों में तेज उछाल से आम जनता की थाली प्रभावित हो रही है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sun, 11 Jan 2026 08:38:04 PM IST

पाकिस्तान

महंगाई की मार - फ़ोटो social media

DESK: पाकिस्तान में महंगाई का संकट लगातार गहराता जा रहा है। वर्ल्ड बैंक और मित्र देशों से मिली आर्थिक मदद के बावजूद पाकिस्तान में हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। आम जनता पर महंगाई की मार लगातार बढ़ती जा रही है और साप्ताहिक महंगाई दर में लगातार 23वें हफ्ते बढ़ोतरी दर्ज की गई है।


महंगाई का असर आम लोगों की थाली पर साफ दिख रहा है। चिकन और चावल जैसे बुनियादी खाद्य पदार्थ भी आम आदमी की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान में एक किलो चिकन करीब 840 पाकिस्तानी रुपये, जबकि चावल 320 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। दूध, अंडे, सब्जियां और फल भी महंगे हो चुके हैं। 


पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 8 जनवरी को समाप्त सप्ताह में संवेदनशील मूल्य सूचकांक (SPI) के आधार पर महंगाई दर सालाना 3.20 प्रतिशत बढ़ी है। गेहूं का आटा, चावल, चीनी, चिकन और अन्य जरूरी खाद्य पदार्थों की खुदरा कीमतों में उछाल इसका मुख्य कारण है। यह सिलसिला बीते 23 हफ्तों से बिना रुके जारी है।


जरूरी खाद्य वस्तुओं के दाम लगातार चढ़ रहे हैं। सप्ताह-दर-सप्ताह तुलना में गेहूं का आटा 5.07 प्रतिशत, चिकन 2.86 प्रतिशत, लहसुन 2.44 प्रतिशत, मिर्च पाउडर 1.01 प्रतिशत, एलपीजी 0.88 प्रतिशत और चीनी 0.58 प्रतिशत महंगी हुई है। वहीं बासमती चावल, ब्रेड और जलाऊ लकड़ी की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।


सालाना आधार पर कीमतों में और भी बड़ा उछाल देखने को मिला है। गेहूं का आटा 31.12 प्रतिशत, गैस कीमतें 29.85 प्रतिशत, मिर्च पाउडर 11.43 प्रतिशत, चीनी 11.18 प्रतिशत और केले व जलाऊ लकड़ी 10 प्रतिशत से अधिक महंगे हो चुके हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, एक ही सप्ताह में 21 जरूरी वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि हुई, जबकि 22 वस्तुओं के दाम स्थिर रहे। पाकिस्तान में बढ़ती महंगाई ने जनता की रोजमर्रा की जिंदगी को बेहद मुश्किल बना दिया है। आर्थिक संकट से उबरने के तमाम प्रयासों के बावजूद हालात फिलहाल सुधरते नजर नहीं आ रहे हैं।