1st Bihar Published by: First Bihar Updated Feb 28, 2026, 12:01:11 PM
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Rule Change: हर महीने की पहली तारीख को कई आर्थिक और सेवा से जुड़े नियमों में बदलाव होता है। 1 मार्च 2026 से भी कुछ महत्वपूर्ण बदलाव लागू होने जा रहे हैं, जिनका असर सीधे आम लोगों के खर्च, यात्रा और डिजिटल सेवाओं के इस्तेमाल पर पड़ेगा। रेल टिकट बुकिंग से लेकर एलपीजी गैस सिलेंडर, यूपीआई भुगतान, मोबाइल सिम और बैंकिंग नियमों तक कई बदलाव होने वाले हैं। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि क्या-क्या बदलने जा रहा है।
रेल टिकटिंग सिस्टम में बदलाव
सबसे अहम बदलाव रेल यात्रियों के लिए है। भारतीय रेलवे पुराने UTS टिकट बुकिंग ऐप को बंद करने जा रहा है। इसकी जगह नया ऐप ‘RailOne’ लॉन्च किया जा रहा है।
इस नए ऐप के जरिए यात्री लोकल ट्रेन टिकट, जनरल टिकट और प्लेटफॉर्म टिकट बुक कर सकेंगे। पुराने ऐप का इस्तेमाल 1 मार्च के बाद संभव नहीं होगा। ऐसे में यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे पहले से नया ऐप डाउनलोड कर लें, ताकि यात्रा के समय किसी तरह की परेशानी न हो। रेलवे का कहना है कि यह कदम टिकट बुकिंग प्रक्रिया को तेज और आसान बनाने के लिए उठाया गया है।
एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव
हर महीने की तरह इस बार भी एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा की जाएगी। घरेलू और कमर्शियल दोनों सिलेंडरों के दाम 1 मार्च को अपडेट हो सकते हैं।
पिछले कुछ महीनों में घरेलू सिलेंडर की कीमतों में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन कमर्शियल सिलेंडरों के दामों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। यदि इस बार भी कीमतों में वृद्धि होती है तो इसका असर छोटे व्यवसायियों, होटल और रेस्टोरेंट चलाने वालों पर पड़ सकता है।
सिम बाइंडिंग नियम लागू
मोबाइल और इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के लिए भी एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 1 मार्च से सिम बाइंडिंग नियम लागू किया जाएगा। इसके तहत व्हाट्सएप, टेलीग्राम और सिग्नल जैसे मैसेजिंग ऐप्स को सीधे आपके सिम कार्ड से जोड़ा जाएगा।
इसका मतलब यह है कि यदि आप अपने फोन से सिम निकाल देते हैं, तो ये ऐप्स काम नहीं करेंगे, भले ही आप वाई-फाई का इस्तेमाल कर रहे हों। इस नियम का उद्देश्य साइबर अपराध और ऑनलाइन धोखाधड़ी को कम करना है।
UPI लेन-देन में बढ़ेगी सुरक्षा
डिजिटल भुगतान को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए यूपीआई ट्रांजेक्शन नियमों में भी बदलाव किया जा रहा है। अब बड़ी रकम ट्रांसफर करने के लिए केवल UPI PIN डालना पर्याप्त नहीं होगा।
अतिरिक्त सुरक्षा के तौर पर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन या अन्य प्रमाणीकरण की जरूरत पड़ सकती है। सरकार और बैंकिंग संस्थानों का मानना है कि इससे ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों में कमी आएगी।
बैंकिंग और ईंधन से जुड़े नियम
बैंकिंग सेवाओं में भी राहत देने वाला बदलाव किया गया है। अब मिनिमम बैलेंस पर पेनल्टी दैनिक आधार पर नहीं, बल्कि औसत मासिक बैलेंस के आधार पर लगेगी। इससे ग्राहकों को खाते का प्रबंधन करने में आसानी होगी।
इसके अलावा सीएनजी और पीएनजी जैसी ईंधनों की कीमतों की भी 1 मार्च को समीक्षा होगी। कीमतों में बदलाव का असर परिवहन खर्च और घरेलू बजट पर पड़ सकता है।