1st Bihar Published by: First Bihar Updated Feb 28, 2026, 11:22:51 AM
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माता-पिता अपने बच्चों को इस भरोसे के साथ स्कूल भेजते हैं कि वहां उन्हें शिक्षा के साथ सुरक्षित माहौल भी मिलेगा। लेकिन हाल ही में सामने आई एक घटना ने इस विश्वास को झकझोर दिया है। एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत 52 वर्षीय शिक्षक संजीव चतुर्वेदी पर छह से अधिक छात्राओं ने छेड़छाड़ और अनुचित व्यवहार के आरोप लगाए हैं। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब कुछ छात्राएं रोते हुए अपने घर पहुंचीं। परिजनों ने जब उनसे रोने की वजह पूछी तो बच्चियों ने जो बताया, उसे सुनकर परिवार वाले सन्न रह गए। छात्राओं ने आरोप लगाया कि कक्षा के दौरान शिक्षक उन्हें गोद में बैठाते थे और अनुचित तरीके से छूते थे। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी उन्हें डराता-धमकाता था। बच्चियों के मुताबिक, शिक्षक कहता था कि अगर उन्होंने घर पर या किसी अन्य व्यक्ति को कुछ बताया तो उन्हें मार पड़ेगी और परीक्षा में फेल कर दिया जाएगा।
बच्चियों की आपबीती सुनते ही गांव में आक्रोश फैल गया। परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में स्कूल पहुंच गए और आरोपी शिक्षक से जवाब मांगने लगे। स्थिति धीरे-धीरे तनावपूर्ण हो गई। माहौल बिगड़ता देख किसी ने डायल 112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित भीड़ के बीच से आरोपी शिक्षक को निकालकर थाने ले गई। पुलिस की मौजूदगी से स्थिति नियंत्रण में आई।
दरअसल, यह पूरा मामला मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के धौरा गांव स्थित एक सरकारी प्राइमरी स्कूल का है। गांव के उपसरपंच के अनुसार, छात्राओं ने इस घटना की जानकारी दो-तीन दिन पहले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी दी थी। इसके बाद मामला धीरे-धीरे परिजनों तक पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में आरोपी शिक्षक ने खुद को निर्दोष बताया है। उसका कहना है कि गांव के कुछ लोगों से उसका पुराना विवाद चल रहा है और उसी रंजिश के कारण उसे झूठे मामले में फंसाया जा रहा है। हालांकि पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
एक छात्रा की मां की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच अधिकारी उमा परिहार ने बताया कि स्कूल जाकर साक्ष्य जुटाए गए हैं। छात्राओं के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही स्कूल के अन्य स्टाफ और बच्चों से भी पूछताछ की जाएगी। यदि अन्य अभिभावक सामने आते हैं तो उनके बयान भी दर्ज किए जाएंगे और उन्हें भी जांच का हिस्सा बनाया जाएगा।