ब्रेकिंग
बिहार में फिर बाढ़ का खतरा! वाल्मीकिनगर बराज से 3.24 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया✦जमुई की नाबालिग पीड़िता की तस्वीर सार्वजनिक करने का आरोप, मीसा भारती के खिलाफ थाने में आवेदन✦जनप्रतिनिधियों का फोन नहीं उठाते हैं अधिकारी, भाजपा सांसद का बड़ा बयान, कहा..जिनके हाथ में तबादले की ताकत केवल उन्हीं का कॉल करते हैं रिसीव✦बिहार में बेटियों से बदसलूकी का दौर जारी: आरा में चलती ऑटो में छात्रा से छेड़खानी, बचने के लिए सड़क पर कूदी✦उत्तराखंड में मौसम खराब, चारधाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित, कई जिलों में रेड अलर्ट ✦बिहार में फिर बाढ़ का खतरा! वाल्मीकिनगर बराज से 3.24 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया✦जमुई की नाबालिग पीड़िता की तस्वीर सार्वजनिक करने का आरोप, मीसा भारती के खिलाफ थाने में आवेदन✦जनप्रतिनिधियों का फोन नहीं उठाते हैं अधिकारी, भाजपा सांसद का बड़ा बयान, कहा..जिनके हाथ में तबादले की ताकत केवल उन्हीं का कॉल करते हैं रिसीव✦बिहार में बेटियों से बदसलूकी का दौर जारी: आरा में चलती ऑटो में छात्रा से छेड़खानी, बचने के लिए सड़क पर कूदी✦उत्तराखंड में मौसम खराब, चारधाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित, कई जिलों में रेड अलर्ट

मुस्लिम युवक की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला पलटा, पुरी में निकलेगी जगन्नाथ रथ यात्रा

DELHI : अभी-अभी बड़ी खबर आ रही है। सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला पलट दिया है। सप्रीम कोर्ट ने जगन्नाथ रथ यात्रा की मंजूरी दे दी है। पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकलेगी। स

FirstBihar
Anurag Goel
3 मिनट

DELHI : अभी-अभी बड़ी खबर आ रही है। सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला पलट दिया है। सप्रीम कोर्ट ने जगन्नाथ रथ यात्रा की मंजूरी दे दी है। पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकलेगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक केवल पुरी में ही रथयात्रा निकाली जाएगी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने जगन्नाथ रथयात्रा पर रोक लगा दी थी।


ओडिशा में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकालने पर लगी रोक के फैसले के खिलाफ 19 वर्षीय मुस्लिम युवक ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उसने शीर्ष कोर्ट से अपने फैसले पर फिर से विचार करने की अपील की थी। युवक के अलावा भाजपा नेता संबित पात्रा समेत 21 याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद ये फैसला सुनाया है। पुरी शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने भी फैसले पर पुनर्विचार की अपील की थी।


बीए इकोनॉमिक्स के अंतिम वर्ष के छात्र आफताब हुसैन ने अपनी याचिका में कहा था कि पुरी शहर को पूरी तरह से बंद कर मंदिर के पुजारी और सेवकों की तरफ से ही रथयात्रा निकाली जा सकती है और इस तरह रथ यात्रा की परंपरा टूटने से बचाई जा सकती है। उन्होंने कहा है कि मंदिर में 1172 सेवक हैं। इन सभी का कोविड-19 टेस्ट किया जा चुका है जो निगेटिव आया है।


आफताब हुसैन के मुताबिक तीनों रथ खींचने के लिए 750 लोगों की आवश्यकता होती है। मंदिर के पास 1172 सेवक हैं। ये लोग ही रथों को खींचकर गुंडिचा मंदिर तक ले जा सकते हैं। इस तरह रथयात्रा बिना बाहरी लोगों के शामिल हुए भी निकाली जा सकती है।


बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 18 जून को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोरोना वायरस के कारण 23 जून को निकलने वाली जगन्नाथ रथयात्रा पर रोक लगा दी थी। चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने कहा था कि यदि कोरोना संकट के बीच हमने इस साल रथयात्रा की इजाजत दी तो भगवान जगन्नाथ हमें माफ नहीं करेंगे।