ब्रेकिंग
इलाज के नाम पर हैवानियत, बीमार बच्चों को पैरो से पकड़कर ज़मीन पर पटकता रहा तांत्रिक... वीडियो देख कांप जाएगी रूह✦कानाफूसी: सचिवालय के 'साहेब' का वसूली गैंग! बॉडीगार्ड-रिश्तेदार से लेकर स्वधर्म वाले शख्स को दिया जिम्मा, सिफारिशी पोस्टिंग वाले निशाने पर...'लक्ष्मी' रिलीज करने का भारी दबाव✦‘तटबंध का पक्कीकरण नहीं हुआ तो अगला चुनाव नहीं लड़ूंगा’, बीजेपी विधायक ने कर दिया एलान✦UG Admission से चूके छात्रों को मिला एक और मौका! बिहार के कॉलेजों में स्पॉट एडमिशन शुरू, यह है आखिरी तारीख✦दिवाली-छठ पर दिल्ली से पटना के लिए चलेगी वंदे भारत स्पेशल? रेलवे ने भेजा प्रस्ताव, जानें रूट और शेड्यूल✦इलाज के नाम पर हैवानियत, बीमार बच्चों को पैरो से पकड़कर ज़मीन पर पटकता रहा तांत्रिक... वीडियो देख कांप जाएगी रूह✦कानाफूसी: सचिवालय के 'साहेब' का वसूली गैंग! बॉडीगार्ड-रिश्तेदार से लेकर स्वधर्म वाले शख्स को दिया जिम्मा, सिफारिशी पोस्टिंग वाले निशाने पर...'लक्ष्मी' रिलीज करने का भारी दबाव✦‘तटबंध का पक्कीकरण नहीं हुआ तो अगला चुनाव नहीं लड़ूंगा’, बीजेपी विधायक ने कर दिया एलान✦UG Admission से चूके छात्रों को मिला एक और मौका! बिहार के कॉलेजों में स्पॉट एडमिशन शुरू, यह है आखिरी तारीख✦दिवाली-छठ पर दिल्ली से पटना के लिए चलेगी वंदे भारत स्पेशल? रेलवे ने भेजा प्रस्ताव, जानें रूट और शेड्यूल

मातृत्व अवकाश को लेकर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, 12 से बढ़ाकर 26 हफ्ते किया गया

DELHI : मातृत्व अवकाश को लेकर मोदी सरकार ने बड़ा फैसला किया है. कामकाजी महिलाओं के लिए मातृत्व अवकाश की अवधि 12 हफ्ते से बढ़ाकर 26 हफ्ते कर दी गई है. यानी 84 दिनों की बजाय अब

FirstBihar
Anamika
2 मिनट

DELHI : मातृत्व अवकाश को लेकर मोदी सरकार ने बड़ा फैसला किया है. कामकाजी महिलाओं के लिए मातृत्व अवकाश की अवधि 12 हफ्ते से बढ़ाकर 26 हफ्ते कर दी गई है. यानी 84 दिनों की बजाय अब 182 दिनों का मेटरनिटी लीव मिल सकेगा.


मोदी सरकार की तरफ से लिया गया यह फैसला कामकाजी महिलाओं के लिए अब तक का सबसे बड़ा तोहफा है  26 हफ्ते की मैटरनिटी लीव की अवधि 6 महीने से भी अधिक है  सरकार के इस फैसले की जानकारी श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने दी है  


मेटरनिटी लीव के दौरान किसी भी महिला कर्मचारी के वेतन में उसके संस्थान की तरफ से कोई कटौती नहीं की जाएगी और उसे पूरा वेतन दिया जाएगा. आपको बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी अपने फैसले में कहा था कि स्थाई और अस्थाई तदर्थ और संविदा पर नियुक्त सभी महिला कर्मचारियों को एक सौ दी 80 दिनों का मातृत्व अवकाश लेने का कानूनी अधिकार प्राप्त है.