ब्रेकिंग
परिवार में एक सदस्य सरकारी नौकरी में तो दूसरे को नहीं मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति, पटना हाई कोर्ट का अहम फैसलामंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्मानाबिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: अस्पताल में इलाज के नाम पर टूटे पैर में बांध दिया कार्टन... VIDEO वायरलकैबिनेट की बैठक में 17 एजेंडों पर लगी मुहर, हर घर तिरंगा अभियान में 6.12 करोड़ रुपये खर्च करेगी बिहार सरकारपरिवार में एक सदस्य सरकारी नौकरी में तो दूसरे को नहीं मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति, पटना हाई कोर्ट का अहम फैसलामंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्मानाबिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: अस्पताल में इलाज के नाम पर टूटे पैर में बांध दिया कार्टन... VIDEO वायरलकैबिनेट की बैठक में 17 एजेंडों पर लगी मुहर, हर घर तिरंगा अभियान में 6.12 करोड़ रुपये खर्च करेगी बिहार सरकार

MAHA KUMBH 2025: महाकुंभ के तीसरे दिन संगम पहुंचे लाखों श्रद्धालु, दो दिन में 5.5 करोड़ लोगों ने लगाई डुबकी

MAHA KUMBH 2025: महाकुंभ के तीसरे दिन प्रयागराज के संगम तट पर लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी है. हर दिन यहां देश विदेश से लाखों लोगों की भारी भीड़ जुट रही है.

mahakumbh prayagraj
महाकुंभ में आस्था की डुबकी
© google
Mukesh Srivastava
2 मिनट

MAHA KUMBH 2025: महाकुंभ का आज तीसरा दिन है। कड़ाके की ठंड पर लोगों की आस्था भारी पड़ रही है। सुबह से ही लाखों श्रद्धालु संगम के तट पर पहुंचकर आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। 


मंगलवार को पहला अमृत स्नान था, जिसमें साधु-संतों के साथ 3.5 करोड़ से अधिक लोगों ने डुबकी लगाई। 13 जनवरी से शुरू हुए महाकुंभ में दो दिन में करीब 5.5 करोड़ ने लगाई आस्था की डुबकी लगाई है। 26 फरवरी तक चलने वाले महाकुंभ के दौरान कुल 6 स्नान हैं, जिसमें से तीन अमृत स्नान हैं। 


महाकुंभ की शुरुआत से ही रोजाना लाखों लोग संगम की रेती पर आकर मां गंगा की आरती में शामिल हो रहे हैं, और पूरा संगम तट भक्ति में लीन है। इस दौरान श्रद्धालु भगवान की भक्ति में डूब गए हैं और पूरे तट पर भगवा रंग की छटा बिखरी है। इस बार का महाकुंभ विशेष है क्योंकि 144 साल बाद अद्भुत संयोग बना है।

टैग्स