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कैब ड्राइवर की बेटियों ने किया कमाल: बिना कोचिंग एक बनीं IAS और दूसरी CBI अफसर, रंग लाई पिता की मेहनत

कैब ड्राइवर उपेंद्र गुप्ता की संघर्ष भरी कहानी लोगों को भावुक कर रही है। आर्थिक तंगी के बावजूद उनकी बेटियों ने बिना कोचिंग IAS और CBI जैसी प्रतिष्ठित सेवाओं में जगह बनाकर मिसाल कायम की।

उत्तर प्रदेश न्यूज
दिनभर कैब चलाकर बेटियों को पढ़ाया
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

DESK:कुछ कहानियां ऐसी होती हैं जो सीधे दिल को छू जाती हैं। लखनऊ के कैब ड्राइवर उपेंद्र गुप्ता की कहानी भी ऐसी ही है, जिसने लाखों लोगों को भावुक कर दिया है। एक वायरल वीडियो सोशल पर वायरल हो रहा है। जिसमें कैब चालक उपेंद्र गाड़ी चलाते हुए भावुक होकर कहते हैं कि अब हम CBI ऑफिसर के पापा बन गए हैं। यह शब्द उनके वर्षों के संघर्ष और मेहनत की गवाही देते हैं।


आमतौर पर यह माना जाता है कि IAS या CBI जैसी कठिन परीक्षाओं में सफलता पाने के लिए बड़े शहरों की महंगी कोचिंग जरूरी होती है। लेकिन उपेंद्र गुप्ता की बेटियों ने इस धारणा को गलत साबित कर दिया। उन्होंने बिना किसी कोचिंग के केवल अपनी मेहनत और सेल्फ स्टडी के दम पर इन प्रतिष्ठित सेवाओं में जगह बनाई।


साधारण परिवार और सीमित संसाधनों के बावजूद, दोनों बेटियों ने घर के माहौल में रहकर पढ़ाई की और अपने लक्ष्य पर पूरी तरह केंद्रित रहीं। उपेंद्र बताते हैं कि उनकी बेटियां घंटों तक पढ़ाई में डूबी रहती थीं और उन्होंने कभी बाहरी आकर्षण या दिखावे को अपने रास्ते में नहीं आने दिया।


उपेंद्र गुप्ता की खुशी उस समय दोगुनी हो गई जब उनकी दूसरी बेटी का चयन CBI में हुआ। इससे पहले उनकी एक बेटी IAS अधिकारी बन चुकी थी। इस उपलब्धि पर वे भावुक होकर कहते हैं,मां-बाप के लिए इससे बड़ी खुशी और क्या हो सकती है। उनकी आवाज में संघर्ष के वर्षों की पीड़ा और सफलता का गर्व साफ झलकता है।


उपेंद्र खुद आर्थिक तंगी के कारण अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सके थे, लेकिन उन्होंने ठान लिया था कि उनकी बेटियों के सपनों के आड़े गरीबी नहीं आएगी। उन्होंने दिन-रात मेहनत कर कैब चलाते हुए हर जरूरी संसाधन जुटाया। भले ही वे अपनी बेटियों को सुख-सुविधाएं नहीं दे सके, लेकिन पढ़ाई के लिए जरूरी हर चीज उपलब्ध कराई।


आज उनकी बेटियां ऊंचे पदों पर कार्यरत हैं और परिवार का नाम रोशन कर रही हैं। यह कहानी उन सभी के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने का हौसला रखते हैं। कैब चालक की दोनों बिटिया ने जो मुकाम हासिल की है, वो सबके बस की बात नहीं है। इसके लिए पिता से लेकर बेटी तक सभी ने खूब मेहनत की, इसी का नतीजा है कि आज अच्छे दिन उपेंद्र गुप्ता को नसीब हुआ है.  

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