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लव जिहाद कानून पर योगी सरकार को बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने अध्यादेश पर रोक लगाने से मना किया, 7 जनवरी को सुनवाई

DESK : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने लव जिहाद को लेकर धर्मांतरण पर जो नया कानून बनाया है, उस मामले में सरकार को बड़ी राहत मिली है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लव जिहाद से जुड़े अध्या

लव जिहाद कानून पर योगी सरकार को बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने अध्यादेश पर रोक लगाने से मना किया, 7 जनवरी को सुनवाई
First Bihar
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DESK : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने लव जिहाद को लेकर धर्मांतरण पर जो नया कानून बनाया है, उस मामले में सरकार को बड़ी राहत मिली है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लव जिहाद से जुड़े अध्यादेश पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने योगी सरकार को कहा है कि वह इस मामले में विस्तृत जवाब दे. उत्तर प्रदेश सरकार को जवाब के लिए 4 जनवरी तक का वक्त दिया गया है. हाईकोर्ट अब इस मामले की अंतिम सुनवाई 7 जनवरी को करेगा.


योगी सरकार ने लव जिहाद के मुद्दे पर धर्मांतरण रोकने के लिए जो कानून बनाया है उसे चार अलग-अलग याचिकाओं के जरिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी. इन याचिकाओं में आरोप लगाया गया था कि सरकार राजनीतिक फायदा लेने के लिए यह अध्यादेश लेकर आई है. याचिकाकर्ताओं ने यह मांग की थी कि अब तक लव जिहाद कानून के तहत जितने भी केस दर्ज हुए हैं, उनमें आरोपियों को ना तो गिरफ्तार किया जाए और ना ही इसमें किसी तरह की कार्रवाई हो.


हाई कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान सरकार ने भी अपना पक्ष रखा. सरकार ने कोर्ट के सामने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह अध्यादेश जरूरी हो गया था. सरकार की तरफ से यह भी कहा गया है कि यूपी में धर्मांतरण के बढ़ते मामलों को देखते हुए कानून व्यवस्था की समस्या पैदा हो रही थी इसलिए अध्यादेश लाया गया. सरकार ने 24 नवंबर को विवाह के लिए जबरन या झूठ बोलकर धर्म परिवर्तन के मामलों से निपटने के लिए यह अध्यादेश लागू किया था, जिसके अंतर्गत किसी भी दोषी व्यक्ति को 10 साल तक की कैद हो सकती है. 28 नवंबर को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने इस अध्यादेश को मंजूरी दे दी थी. बाद में इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई और अब कोर्ट ने योगी सरकार से इस मामले पर विस्तृत जवाब देने को कहा है.