1st Bihar Published by: First Bihar Updated Tue, 03 Feb 2026 04:43:09 PM IST
रूल 374 के तहत कार्रवाई - फ़ोटो social media
DELHI: लोकसभा में राहुल गांधी के भाषण के दौरान लगातार दूसरे दिन हंगामा देखने को मिला। मंगलवार दोपहर 2 बजे राहुल गांधी ने पूर्व आर्मी चीफ नरवणे की अनपब्लिश्ड बुक का एक आर्टिकल सदन में पेश किया और कहा कि उन्हें बोलने दिया जाए।
राहुल गांधी के यह कहते ही एनडीए के सांसदों ने टोकना शुरू कर दिया। उन्होंने लगभग 14 मिनट तक अपनी बात कहने की कोशिश की, जबकि सोमवार को भी उन्होंने 46 मिनट तक भाषण देने की कोशिश की थी। हंगामा बढ़ने पर स्पीकर कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने राहुल गांधी को बोलना रोका और अन्य सांसदों को बोलने का अवसर दिया।
इस दौरान, राहुल के समर्थन में सपा सांसद नरेश उत्तम पटेल, TMC सांसद शताब्दी रॉय और DMK सांसद डी. एम. कातिर आनंद ने बोलने से इनकार कर दिया। विपक्षी सांसद नारेबाजी करते हुए सदन के वेल में पहुँच गए और स्पीकर की चेयर की तरफ पेपर उछालने लगे।
कार्यवाही को तत्काल स्थगित कर दिया गया और इसके बाद पीठासीन दिलीप सैकिया ने आठ सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया। विपक्ष के सांसद डीन कुरिया कोस, एस वेंकटेशन, गुरजीत सिंह औजला, मणिक्कम टैगोर, किरण कुमार रेड्डी, प्रशांत पडोले, हिबी ईडन और अमरेंद्र सिंह राजा वारिंग को निलंबित किया गया है। निलंबित सांसदों पर रूल 374 के तहत कार्रवाई की गई। यह घटना संसद सत्र में विपक्ष और सरकार के बीच जारी तनातनी को और उजागर करती है।
सभा का कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गयी है। सांसदों के निलंबन पर विपक्ष ने सदन के बाहर प्रदर्शन किया और कहा कि तानाशाही नहीं चलेगी। विपक्षी सांसदों ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाये। राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी जी डरे हुए है।