ब्रेकिंग
JDU विधायक पप्पू पांडेय को कोर्ट से बड़ी राहत, गिरफ्तारी पर रोक बरकरारदिलीप जायसवाल की कुर्सी पर निशांत कुमार ने कर लिया कब्जा: शपथ ग्रहण में दिखा दिलचस्प नज़ाराहलवाई की संदिग्ध मौत से सनसनी, परिजनों ने हत्या की जताई आशंका; थाना के सामने शव रखकर किया बवाल1st Bihar जो कहता है वही होता है...बाकी सब हैं पीछे-पीछे, निशांत की खबर पर 100 फीसदी लगी मुहर, बने पावर सेंटर बिहार कैबिनेट विस्तार: गांधी मैदान में 32 मंत्रियों ने ली शपथ, पीएम मोदी. शाह, राजनाथ सिंह, सीएम सम्राट और नीतीश कुमार समेत तमाम NDA नेता मौजूदJDU विधायक पप्पू पांडेय को कोर्ट से बड़ी राहत, गिरफ्तारी पर रोक बरकरारदिलीप जायसवाल की कुर्सी पर निशांत कुमार ने कर लिया कब्जा: शपथ ग्रहण में दिखा दिलचस्प नज़ाराहलवाई की संदिग्ध मौत से सनसनी, परिजनों ने हत्या की जताई आशंका; थाना के सामने शव रखकर किया बवाल1st Bihar जो कहता है वही होता है...बाकी सब हैं पीछे-पीछे, निशांत की खबर पर 100 फीसदी लगी मुहर, बने पावर सेंटर बिहार कैबिनेट विस्तार: गांधी मैदान में 32 मंत्रियों ने ली शपथ, पीएम मोदी. शाह, राजनाथ सिंह, सीएम सम्राट और नीतीश कुमार समेत तमाम NDA नेता मौजूद

Bihar News: मोदी कैबिनेट ने आज बिहार को दी बड़ी सौगात...इन दो परियोजनाओं की दी मंजूरी, जानें...

Kosi Mechi River Link Project: मोदी कैबिनेट की मंजूरी. बिहार की कोसी-मेची लिंक परियोजना को केंद्र से 3,652 करोड़ की सहायता देने पर मुहर लगी है.

Kosi Mechi River Link Project, मोदी कैबिनेट ने उत्तर बिहार को दी बड़ी सौगात
© Google
Viveka Nand
2 मिनट

मोदी कैबिनेट बैठक में आज बिहार के लिए बड़ा फैसला लिया गया है. कोसी-मेची अंतर-राज्यीय लिंक परियोजना को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई-एआईबीपी) के तहत शामिल करने की मंजूरी दी गई है। इस परियोजना की कुल लागत 6,282.32 करोड़ रुपये है, जिसमें केंद्र सरकार 3,652.56 करोड़ की सहायता देगी। पूर्वी कोसी मुख्य नहर (EKMC) का 41.30 किमी पुनर्निर्माण और 117.50 किमी विस्तार किया जाएगा, जिससे खरीफ सीजन में 2,10,516 हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी. इसके अलावा पटना-आरा-सासाराम फोरलेन को भी मंजूरी मिल गई है. 

बता दें, कोसी बराज से मेची नदी तक यह परियोजना 117.5 किमी लंबी होगी. इस योजना के तहत वीरपुर से फारबिसगंज तक मुख्य पूर्वी नहर का किशनगंज के मेची नदी तक विस्तार किया जायेगा. इससे अररिया के फारबिसगंज तक मुख्य पूर्वी नहर 41.3 किमी बना हुआ है. इसी नहर का मेची नदी तक 76.2 किमी विस्तारीकरण होगा. 

इस नहर की क्षमता भी बढ़ायी जाएगी.1962 में बने नहर का डिजाइन डिस्चार्ज फिलहाल 425 क्यूमेक(घनमीटर) है, जिसकाे बढ़ाकर 573 क्यूमेक किया जाएगा.पूरी नहर परियोजना से सिंचाई के लिए चार ब्रांच कैनालऔर छह वितरणी नहर होगा. 

संबंधित खबरें