ब्रेकिंग
2 करोड़ लोग ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ से जुड़े, बोले प्रशांत किशोर..जनता की नाराजगी सरकार को समझनी चाहिएपटना के होटल में पॉलिटेक्निक छात्रा से छेड़छाड़ का प्रयास, पिता के सामने अगवा करने की कोशिशजन्मदिन पर नितिन नवीन से मिलने पहुंचे खेसारी लाल यादव, भाजपा में शामिल होने के सवाल पर बोले- ‘मैं RJD के साथ था, हूं और रहूंगा’विजय बनकर इमरान शेख ने हिंदू युवती से किया निकाह, जबरन धर्म बदलने और गोमांस खिलाने का आरोप, मुख्य आरोपी दो भाईयों के साथ गिरफ्तार‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की वेबसाइट ठप, अभिजीत दिपके ने केंद्र पर लगाया तानाशाही का आरोप2 करोड़ लोग ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ से जुड़े, बोले प्रशांत किशोर..जनता की नाराजगी सरकार को समझनी चाहिएपटना के होटल में पॉलिटेक्निक छात्रा से छेड़छाड़ का प्रयास, पिता के सामने अगवा करने की कोशिशजन्मदिन पर नितिन नवीन से मिलने पहुंचे खेसारी लाल यादव, भाजपा में शामिल होने के सवाल पर बोले- ‘मैं RJD के साथ था, हूं और रहूंगा’विजय बनकर इमरान शेख ने हिंदू युवती से किया निकाह, जबरन धर्म बदलने और गोमांस खिलाने का आरोप, मुख्य आरोपी दो भाईयों के साथ गिरफ्तार‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की वेबसाइट ठप, अभिजीत दिपके ने केंद्र पर लगाया तानाशाही का आरोप

जम्मू-कश्मीर पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला- इंटरनेट बैन और धारा 144 पर नहीं चलेगी सरकार की मनमानी

DELHI : शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के बाद घाटी में इंटरनेट और लंबे समय तक धारा 144 लागू करने को लेकर सुनवाई हुई.सुनवाई के दौरान सुप्रीम

FirstBihar
Anamika
2 मिनट

DELHI : शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के बाद घाटी में इंटरनेट और लंबे समय तक धारा 144 लागू करने को लेकर सुनवाई हुई.

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि बिना वजह पूरी तरह इंटरनेट पर रोक नहीं लगाया जा सकता है. इंटरनेट लोगों की अभिव्यक्ति का अधिकार है. यह आर्टिकल 19 के तहत आता है. इंटरनेट पर रोक तभी लग सकती है, जब सुरक्षा को गंभीर खतरा हो.

इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि देश में कहीं भी लगातार धारा 144 को लागू रखना सरकार द्वारा शक्ति का दुरुपयोग है. सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को गैर जरूरी आदेश वापस लेने को कहा है. 

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में जम्मू-कश्मीर में मोबाइल-इंटरनेट सेवा बंद करने और लोगों की आवाजाही पर रोक के खिलाफ याचिका दायर की गई थी. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि पाबंदियां अवैध तरीके से लगाई गई, इनके जरिए लोगों के मौलिक अधिकारों का हनन किया गया. कई महीने पहले ही आर्टिकल 370 हटाने का फैसला दिया गया है लेकिन अभी भी कई तरह के प्रतिबंध जारी हैं.


टैग्स