ब्रेकिंग
पश्चिम बंगाल में डकैती को अंजाम देने वाला अपराधी समस्तीपुर से गिरफ्तार, लूटे गए सोने के गहने भी बरामदसहरसा में दर्दनाक हादसा: सेप्टिक टैंक में गिरे 3 मासूम, एक बच्ची की मौतपंचायत से नहीं बनी बात तो टावर पर चढ़ गई प्रेमिका, शादी की मांग पर अड़ी, पुलिस ने संभाला मोर्चाबिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, एक SP समेत 5 IPS और 8 DSP का तबादला, देखिये पूरी लिस्ट बिहार में विज्ञान-उद्योग और बॉर्डर सुरक्षा को मजबूत करने की तैयारी, IG Border सहित कई पदों को भरने की मिली मंजूरी पश्चिम बंगाल में डकैती को अंजाम देने वाला अपराधी समस्तीपुर से गिरफ्तार, लूटे गए सोने के गहने भी बरामदसहरसा में दर्दनाक हादसा: सेप्टिक टैंक में गिरे 3 मासूम, एक बच्ची की मौतपंचायत से नहीं बनी बात तो टावर पर चढ़ गई प्रेमिका, शादी की मांग पर अड़ी, पुलिस ने संभाला मोर्चाबिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, एक SP समेत 5 IPS और 8 DSP का तबादला, देखिये पूरी लिस्ट बिहार में विज्ञान-उद्योग और बॉर्डर सुरक्षा को मजबूत करने की तैयारी, IG Border सहित कई पदों को भरने की मिली मंजूरी

ईरानी तेल लेकर भारत आ रहे जहाज ने अचानक बदल दिया रास्ता, चीन की ओर क्यों बढ़ रहा ‘पिंग शुन’?

Iran oil tanker: भारत आ रहा ईरानी तेल टैंकर ‘पिंग शुन’ ने अचानक अपना रास्ता बदल दिया और अब चीन की ओर रुख किया है. भुगतान शर्तों और प्रतिबंधों के बीच अनिश्चितता बरकरार है.

Iran oil tanker
© Google
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Iran oil tanker: पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध जैसी स्थिति के बीच ईरानी कच्चे तेल से भरा एक टैंकर, जो भारत की ओर आ रहा था, उसने अचानक अपना रुख बदल लिया है। यह जहाज अब भारत के बजाय चीन की ओर बढ़ रहा है। अगर यह खेप भारत पहुंचती, तो साल 2019 के बाद पहली बार भारत ईरानी तेल आयात करता।


जहाज ट्रैकिंग कंपनी ‘केप्लर’ के अनुसार ‘पिंग शुन’ नाम का यह अफ्रामैक्स टैंकर पहले गुजरात के वाडिनार पहुंचने वाला था, लेकिन अब इसका गंतव्य चीन के दोंगयिंग को दिखाया जा रहा है। हालांकि, जहाज के ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) में दर्ज गंतव्य अंतिम नहीं होता और यात्रा के दौरान इसमें बदलाव संभव है।


रिपोर्ट के मुताबिक, विश्लेषकों का मानना है कि इस बदलाव के पीछे भुगतान से जुड़ी शर्तें एक बड़ा कारण हो सकती हैं। पहले जहां 30 से 60 दिन का क्रेडिट मिलता था, वहीं अब विक्रेता तुरंत या कम समय में भुगतान की मांग कर रहे हैं। इससे सौदे की शर्तें प्रभावित हो रही हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इस तेल का खरीदार और विक्रेता कौन हैं।


वाडिनार में स्थित नायरा एनर्जी की रिफाइनरी, जिसकी वार्षिक क्षमता 2 करोड़ टन है, इस खेप के संभावित गंतव्यों में शामिल थी। विशेषज्ञों का कहना है कि ईरानी तेल के साथ यात्रा के दौरान गंतव्य बदलना असामान्य नहीं है, लेकिन यह दर्शाता है कि अब व्यापारिक शर्तें और वित्तीय जोखिम भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।


गौरतलब है कि भारत पहले ईरानी कच्चे तेल का एक बड़ा आयातक रहा है। ‘ईरान लाइट’ और ‘ईरान हैवी’ जैसे तेल भारत में बड़ी मात्रा में आयात होते थे। लेकिन 2018 में अमेरिका द्वारा कड़े प्रतिबंध लगाए जाने के बाद मई 2019 से भारत ने ईरानी तेल का आयात बंद कर दिया।


हाल ही में अमेरिका ने समुद्र में मौजूद ईरानी तेल की खरीद पर 30 दिन की अस्थायी छूट दी है, जो 19 अप्रैल तक प्रभावी है। माना जा रहा है कि यदि भुगतान और अन्य व्यावसायिक शर्तों पर सहमति बनती है, तो भविष्य में भारत फिर से ईरानी तेल आयात शुरू कर सकता है। फिलहाल, ‘पिंग शुन’ टैंकर का चीन की ओर मुड़ना इस अनिश्चितता को और बढ़ाता है।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता