IPS Prachi Singh Success Story: उत्तर प्रदेश कैडर की 2017 बैच की IPS अफसर प्राची सिंह इन दिनों सोशल मीडिया पर अपनी एक पोस्ट को लेकर चर्चा में हैं। अंबेडकरनगर की पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्राची सिंह को तेज-तर्रार और कड़े फैसले लेने वाली अधिकारी के रूप में जाना जाता है। उनकी सोशल मीडिया पोस्ट अक्सर कर्म, अनुशासन और जीवन मूल्यों पर आधारित होती हैं, जिन्हें लोग काफी पसंद करते हैं।
हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया पर यह लिखा है कि “आपको ऐसा क्यों लगता है कि भगवान को सिर्फ आपकी अगरबत्ती का धुआं दिखाई देगा, आपके कर्म नहीं?” इस संदेश के जरिए उन्होंने उन लोगों को सीख देने की कोशिश की, जो केवल पूजा-पाठ के सहारे सफलता की उम्मीद करते हैं, लेकिन अपने कर्तव्यों और मेहनत को नजरअंदाज कर देते हैं। सावन के दौरान उन्होंने शिवलिंग की तस्वीर साझा करते हुए “हर हर महादेव” भी लिखा था।
प्राची सिंह समय-समय पर छोटे लेकिन प्रभावशाली संदेश साझा करती रहती हैं। 2 अगस्त को उन्होंने लिखा, “अति के बाद क्षति तय है”, जो असंतुलन के दुष्परिणामों की ओर संकेत करता है। 3 जुलाई को उन्होंने लिखा, “जो स्वयं को कीड़ा बना ले, उसे बाद में यह शिकायत नहीं करनी चाहिए कि लोग उस पर पैर रख रहे हैं।” 10 जून को उनका संदेश था, “जेब, जुबान और जूता सदैव मजबूत रखिए, जिसको जिसकी जरूरत पड़े देते रहिए।” इन पोस्टों को लोग जीवन और कर्म के प्रति उनके स्पष्ट दृष्टिकोण के रूप में देखते हैं।
प्राची सिंह की पहचान केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है। जमीनी पुलिसिंग में भी उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है। उनकी अगुवाई में अंबेडकरनगर पुलिस ने प्रशासनिक दक्षता में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।जून महीने में क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (CCTNS) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में अंबेडकरनगर पुलिस पूरे उत्तर प्रदेश में पहले स्थान पर रही।
इसके अलावा, जुलाई 2026 की जनसुनवाई और शिकायत निवारण रैंकिंग में जिला पुलिस ने 125 में से पूरे 125 अंक प्राप्त कर प्रदेश में शीर्ष स्थान हासिल किया। इससे पहले लखनऊ में तैनाती के दौरान उन्होंने अपराध नियंत्रण में उल्लेखनीय सफलता हासिल की थी। इसके बाद योगी सरकार ने उन्हें श्रावस्ती का पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया था।
विधायक भी कर चुके हैं प्राची का विरोध
प्राची सिंह पहली बार तब सुर्खियों में आई थीं, जब वह सिद्धार्थनगर की एसपी थीं। उस दौरान शोहरतगढ़ से अपना दल (एस) के विधायक विनय वर्मा उनके खिलाफ धरने पर बैठ गए थे। विधायक का आरोप था कि एसपी प्राची सिंह उनके प्रति द्वेषपूर्ण रवैया अपना रही हैं। यह मामला उस समय प्रदेश की राजनीति और प्रशासन में काफी चर्चित रहा था।
पहले ही प्रयास में UPSC पास, हासिल की 154वीं रैंक
प्राची सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले की रहने वाली हैं। उनके पिता पीसीएस अधिकारी रहे हैं, जबकि उनकी मां उषा सिंह तीन विषयों में एमए कर चुकी हैं। परिवार में शुरू से ही शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं का माहौल रहा। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एलएलबी और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, भोपाल से एलएलएम की पढ़ाई की।
महज 25 वर्ष की उम्र में पहले ही प्रयास में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास कर उन्होंने ऑल इंडिया 154वीं रैंक हासिल की। उनके यूपीएससी मुख्य परीक्षा में 877 अंक और इंटरव्यू में 151 अंक मिले थे। इस तरह उनका कुल स्कोर 1028 अंक रहा। प्राची सिंह लखनऊ में एडीसीपी और 32वीं बटालियन पीएसी की कमांडेंट के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। आज उन्हें उत्तर प्रदेश की सबसे प्रभावशाली महिला आईपीएस अधिकारियों में से एक माना जाता है।





