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जानिए कौन हैं IPS बी. सुमति, जिन्हें मामूली लड़की समझकर आधी रात 40 मनचलों ने छेड़ा, फिर जो हुआ उसने सबको चौंका दिया

आधी रात… सुनसान बस स्टॉप… और एक अकेली महिला। देखने में सबकुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह कोई आम महिला नहीं बल्कि एक सीनियर IPS अधिकारी हैं। कुछ ही घंटों में जो हुआ, उसने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए। आ

जानिए कौन हैं IPS बी. सुमति, जिन्हें मामूली लड़की समझकर आधी रात 40 मनचलों ने छेड़ा, फिर जो हुआ उसने सबको चौंका दिया
Ramakant kumar
4 मिनट

तेलंगाना से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने महिलाओं की सुरक्षा और समाज में बढ़ती छेड़खानी की घटनाओं पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। मलकाजगिरी पुलिस कमिश्नर और वरिष्ठ IPS अधिकारी बी. सुमति ने महिलाओं की सुरक्षा की असली तस्वीर जानने के लिए खुद ही एक बेहद साहसिक और जोखिम भरा कदम उठाया। उन्होंने आधी रात को बिना किसी सुरक्षा के आम महिला बनकर बस स्टॉप पर खड़े होकर मनचलों की मानसिकता को परखा।


बताया जा रहा है कि यह पूरा अंडरकवर ऑपरेशन रात करीब 12:30 बजे से सुबह 3:30 बजे तक चला। इस दौरान बी. सुमति सिविल ड्रेस में एक सामान्य महिला की तरह मलकाजगिरी इलाके के बस स्टॉप पर अकेली खड़ी रहीं। उनके साथ न कोई पुलिस जवान था और न ही कोई सुरक्षा गार्ड। उद्देश्य सिर्फ इतना था कि देर रात सड़क पर अकेली महिला को देखकर लोगों का व्यवहार कैसा होता है, इसकी हकीकत सामने लाई जा सके।


लेकिन जो नजारा सामने आया, उसने सभी को हैरान कर दिया। रातभर में करीब 40 युवक और पुरुष उनके पास पहुंचे। इनमें कई लोग शराब और गांजे के नशे में बताए गए, जबकि कुछ कॉलेज छात्र और युवा भी शामिल थे। कई लोगों ने उनसे बातचीत करने, पीछा करने और परेशान करने की कोशिश की। कुछ युवकों का व्यवहार इतना संदिग्ध था कि पुलिस टीम को तुरंत सतर्क होना पड़ा।


दरअसल, पूरी कार्रवाई पर पुलिस की गुप्त निगरानी भी चल रही थी। जैसे ही कोई व्यक्ति सीमा पार करता दिखा, टीम ने उसकी पहचान नोट कर ली। बाद में सभी लोगों को चिन्हित किया गया। हालांकि सबसे खास बात यह रही कि बी. सुमति ने इन लोगों पर सीधे कानूनी कार्रवाई करने के बजाय उन्हें सुधारने का रास्ता चुना।


पुलिस ने सभी युवकों और पुरुषों को बुलाकर काउंसलिंग की। उन्हें महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सार्वजनिक जगहों पर व्यवहार को लेकर सख्त चेतावनी दी गई। अधिकारियों का कहना है कि सिर्फ गिरफ्तारी कर देना समाधान नहीं है, बल्कि लोगों की मानसिकता बदलना ज्यादा जरूरी है।


IPS अधिकारी बी. सुमति पहले भी अपने अलग अंदाज की पुलिसिंग को लेकर चर्चा में रह चुकी हैं। करीब 25 साल पहले जब वह काजीपेट इलाके में DSP थीं, तब भी उन्होंने इसी तरह अंडरकवर ऑपरेशन कर महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था की जांच की थी। उनकी पहचान तेलंगाना की सख्त, ईमानदार और इनोवेटिव पुलिस अधिकारियों में होती है।


बी. सुमति ने 1 मई को मलकाजगिरी पुलिस कमिश्नर का पदभार संभाला था और वह इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला अधिकारी भी हैं। उन्होंने 2001 बैच की DSP के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी और बाद में IPS बनीं। राज्य खुफिया ब्यूरो, महिला सुरक्षा सेल और काउंटर इंटेलिजेंस जैसे महत्वपूर्ण विभागों में भी वह काम कर चुकी हैं।


महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उनका यह प्रयोग अब पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इसे एक साहसी और जरूरी कदम बता रहे हैं, क्योंकि इससे सड़क पर महिलाओं को रोजाना झेलनी पड़ने वाली सच्चाई एक बार फिर सामने आ गई है।