ब्रेकिंग
सम्राट कैबिनेट की बैठक खत्म, 10 एजेंडों पर लगी मुहर; B.Ed. कॉलेजों, कुशल युवा कार्यक्रम और ग्रीनफील्ड टाउनशिप पर बड़े फैसलेभागलपुर-मधेपुरा महासेतु पर खत्म होने वाला है इंतजार, 98.7% काम पूरा; जानिए कब शुरू होगा आवागमनबिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: कुशल युवा कार्यक्रम 2030-31 तक विस्तारित, AI और ड्रोन समेत नए कौशलों की ट्रेनिंगबिहार में PM किसान सम्मान निधि के लाभुकों पर संकट, लाखों किसानों को नहीं मिलेगा योजना का लाभ; जानें क्या है वजहमुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी का पहला गोपालगंज दौरा, मां थावे भवानी की पूजा के बाद मेडिकल कॉलेज की जमीन का किया निरीक्षणसम्राट कैबिनेट की बैठक खत्म, 10 एजेंडों पर लगी मुहर; B.Ed. कॉलेजों, कुशल युवा कार्यक्रम और ग्रीनफील्ड टाउनशिप पर बड़े फैसलेभागलपुर-मधेपुरा महासेतु पर खत्म होने वाला है इंतजार, 98.7% काम पूरा; जानिए कब शुरू होगा आवागमनबिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: कुशल युवा कार्यक्रम 2030-31 तक विस्तारित, AI और ड्रोन समेत नए कौशलों की ट्रेनिंगबिहार में PM किसान सम्मान निधि के लाभुकों पर संकट, लाखों किसानों को नहीं मिलेगा योजना का लाभ; जानें क्या है वजहमुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी का पहला गोपालगंज दौरा, मां थावे भवानी की पूजा के बाद मेडिकल कॉलेज की जमीन का किया निरीक्षण

गुजरात दंगों के 14 आरोपियों को SC से मिली जमानत, कोर्ट ने दिया समाज सेवा करने का निर्देश

DELHI: 2002 में गुजरात में हुए दंगों के आरोपियों को जमानत मिल गई है. गुजरात दंगों के सरदारपुरा गांव मामले में 14 दोषियों को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है. मुख्य न्यायाधीश एस

FirstBihar
Khushboo Gupta
2 मिनट

DELHI: 2002 में गुजरात में हुए दंगों के आरोपियों को जमानत मिल गई है. गुजरात दंगों के सरदारपुरा गांव मामले में 14 दोषियों को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है. मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे के नेतृत्व वाली पीठ ने दोषियों को जमानत दे दी है साथ ही आरोपियों को समाज सेवा करने का निर्देश भी दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने सभी आरोपियों को जमानत अवधि के दौरान सामाजिक कार्य करने के लिए कहा है.


सुप्रीम कोर्ट ने सभी आरोपियों को सशर्त जमानत दी है. जानकारी के मुताबिक कोर्ट ने जिन 14 दोषियों को बेल दी है, सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी थी. सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने अपने फैसले में कहा है कि इनमे से कोई भी आरोपी गुजरात की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकता है. कोर्ट ने कहा है कि जब तक उन लोगों की अपील पर सुप्रीम कोर्ट आखिरी फैसला न कर लें, तब तक वे इंदौर और जबलपुर में रहेंगे. कोर्ट की ओर से तय की गई अन्य शर्तों में समाज सेवा करना भी शामिल है.


आपको बता दें कि कुछ दिनों पहले नानावती आयोग ने 2002 के गुजरात दंगों में तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को क्लीन चिट दे दी थी. गुजरात दंगों में 1000 से अधिक लोग मारे गए थे, जिनमें से अधिकतर अल्पसंख्यक समुदाय के थे.