ब्रेकिंग
BIHAR: बनमनखी के केंद्रीयकृत रसोईघर में SDM का छापा, भोजन की गुणवत्ता से लेकर अग्नि सुरक्षा तक मिलीं खामियां✦मध्य प्रदेश में बंधक बनाए गए बिहार के मजदूरों को छुड़ाने की मांग, बिहार भवन ने जिला प्रशासन को लिखा पत्र✦नितिन नबीन ने विनय बिहारी की लगाई फटकार, कहा..सम्राट चौधरी सरकार के खिलाफ बोले तो खैर नहीं!✦त्योहार से पहले मिलावटखोरों पर शिकंजा, सीतामढ़ी में मिठाई और केक की दुकानों पर रेड✦बिहार की बेटी अंजलि का कमाल: मॉस्को में संभाली बड़ी जिम्मेदारी… बनीं देश की पहली महिला सैन्य राजनयिक✦BIHAR: बनमनखी के केंद्रीयकृत रसोईघर में SDM का छापा, भोजन की गुणवत्ता से लेकर अग्नि सुरक्षा तक मिलीं खामियां✦मध्य प्रदेश में बंधक बनाए गए बिहार के मजदूरों को छुड़ाने की मांग, बिहार भवन ने जिला प्रशासन को लिखा पत्र✦नितिन नबीन ने विनय बिहारी की लगाई फटकार, कहा..सम्राट चौधरी सरकार के खिलाफ बोले तो खैर नहीं!✦त्योहार से पहले मिलावटखोरों पर शिकंजा, सीतामढ़ी में मिठाई और केक की दुकानों पर रेड✦बिहार की बेटी अंजलि का कमाल: मॉस्को में संभाली बड़ी जिम्मेदारी… बनीं देश की पहली महिला सैन्य राजनयिक

लॉकडाउन में इलाज के साथ-साथ अपना ब्लड भी दे रहे यूपी के डॉक्टर, बिहार के 2 मरीजों की बचाई जान

DESK: लॉकडाउन में यूपी में डॉक्टर इलाज के साथ-साथ अपना ब्लड भी डोनेट कर रहे हैं. डॉक्टरों के ब्लड डोनेट करने से बिहार के दो मरीजों की जान बची है. गोपालगंज जिले का रहने वाला म

FirstBihar
Manish Kumar
2 मिनट

DESK:  लॉकडाउन में यूपी में डॉक्टर इलाज के साथ-साथ अपना ब्लड भी डोनेट कर रहे हैं. डॉक्टरों के ब्लड डोनेट करने से बिहार के दो मरीजों की जान बची है. गोपालगंज जिले का रहने वाला मरीज गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती था. इससे 6 यूनिट ब्लड की जरूरत पड़ी, लेकिन लॉकडाउन के कारण परिजन नहीं आ सके. जिसके बाद इलाज करने वाले डॉक्टरों ने खुद ब्लड डोनेट कर मरीज की जान बचाई. 

बताया रहा है कि गोपालगंज के सुनील प्रसाद की अचानक तबीयत खराब हो गई. जिसके बाद परिजनों ने 8 अप्रैल को गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे. ऑपरेशन के दौरान ब्लड की जरूरत पड़ी. सुनील प्रसाद के शरीर में हीमोग्लोबिन मात्र 3.5 मिलीग्राम मिला. तुरंत ऑपरेशन की दरकार थी. बेटे ने दयाराम ने कहा कि लॉकडाउन है. ऐसे वह कैसे परिजनों को ब्लड देने के लिए बुला पाएगा. उसने डॉक्टरों के सामने हाथ जोड़कर विनती करने लगा. खुद डॉक्टरों ने ब्लड देने का फैसला लिया. जिससे मरीज की जान बच गई. 

एक बिहार की लड़की को डॉक्टरों ने दिया ब्लड

इसके अलावे बिहार की एक लड़की भी इस हॉस्पिटल में भर्ती थी. ऑपरेशन के दौरान ब्लड की जरूरत थी, लेकिन परिजन व्यवस्था नहीं कर पा रहे थे. जिसक बाद इलाज करने वाले एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुरेश कुमार ने ब्लड डोनेट किया और लड़की की जान बचाई. 

टैग्स