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नहीं रहे हिंदुजा ग्रुप के चेयरमैन गोपीचंद हिंदुजा, अपने पीछे अरबों की दौलत छोड़ गए अशोक लीलैंड के मालिक

हिंदुजा ग्रुप के चेयरमैन और अशोक लीलैंड के मालिक गोपीचंद हिंदुजा का 85 वर्ष की उम्र में लंदन में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार थे। अरबों की संपत्ति के मालिक गोपीचंद ने हिंदुजा ग्रुप को बैंकिंग, एनर्जी और ऑटोमोटिव क्षेत्र में वैश्विक पहचान दिलाई

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Nov 04, 2025, 5:31:27 PM

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85 साल की उम्र में लंदन में ली अंतिम सांस - फ़ोटो सोशल मीडिया

DESK: हिंदुजा ग्रुप के चेयरमैन गोपीचंद पी हिंदुजा अब हमारे बीच नहीं रहे। आज सोमवार (4 नवंबर) को 85 साल की उम्र में लंदन में उनका निधन हो गया। वो कई महीने से बीमार थे और लंदन के हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। उनके निधन से उद्योग जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। अशोक लीलैंड के मालिक गोपीचंद हिंदुजा अपने पीछे अरबों की दौलत छोड़ गये हैं।


 हिंदुजा ग्रुप को उन्होंने बैंकिंग, एनर्जी, ऑटोमोटिव और मीडिया सेक्टर में अग्रणी बनाया। संडे टाइम्स रिच लिस्ट 2025 के अनुसार उनकी कुल संपत्ति लगभग 4.02 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है। उद्योग जगत में उनके योगदान को सदैव याद किया जाएगा. 2023 में उनके बड़े भाई श्रीचंद हिंदुजा का निधन हो गया था। जिसके बाद उन्होंने हिंदुजा ग्रुप की कमान संभाली। 


गोपीचंद को लोग 'जीपी' कहकर बुलाते थे। उन्होंने अपनी कंपनी को ग्लोबल लेवल पर मजबूत बनाया था। उनका जन्म एक सिंधी व्यापारी परिवार में 1940 में हुआ था। गोपीचंद का बचपन मुंबई की गलियों में बीता, जहां उन्होंने जय हिंद कॉलेज से 1959 में ग्रेजुएशन किया। बाद में उन्हें वेस्टमिंस्टर यूनिवर्सिटी से ऑनरेरी डॉक्टरेट ऑफ लॉ और लंदन के रिचमंड कॉलेज से ऑनरेरी डॉक्टरेट ऑफ इकोनॉमिक्स मिला। जबकि उनके दादा परमानंद दीपचंद हिंदुजा ने 1919 में ईरान में एक छोटा मर्चेंट बैंकिंग और ट्रेड बिजनेस शुरू किया था। 


जिसे पिता परमानंद ने आगे बढ़ाया, भारत से ईरान प्याज, आलू और आयरन को एक्सपोर्ट करने लगे। फिर 1959 में गोपीचंद ने फैमिली बिजनेस संभाला। उस समय यह बिजनेस मुंबई से संचालित किया जा रहा था। तीन भाईयों में सबसे बड़े भाई श्रीचंद की 87 साल की उम्र में 2023 में निधन हो गया था। जिसके बाद  सभी भाई मिलकर वेजिटेरियन और नॉन-ड्रिंकर का काम मिलकर करते थे। 1979 में ईरान की क्रांति ने सबकुछ बदल दिया। उनकी पूरी फैमिली लंदन शिफ्ट कर गया। जहां उन्होंने हिंदुजा ऑटोमोटिव लिमिटेड की चेयरमैनशिप संभाली। आज गोपीचंद हिंदुआ इस दुनियां में नहीं है, लेकिन आज भी उद्योग घरानों में उनकी चर्चा हो रही है। इस घठना पर लोग दुख जता रहे हैं।