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BIHAR News: बिहार में बालू को लेकर बड़ा आदेश, 4 महीने तक नहीं होगा खनन; सरकार ने बनाई नई योजना

बिहार में मानसून के चलते 15 जून से 15 अक्टूबर तक बालू खनन पर रोक लगा दी गई है। सरकार ने बफर स्टॉक और अवैध खनन रोकने के लिए सख्त निगरानी शुरू की।

Bihar sand
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© Ai photo
Tejpratap
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4 मिनट

BIHAR News: बिहार में मानसून को देखते हुए राज्य सरकार ने नदियों से होने वाले बालू खनन पर रोक लगाने का बड़ा फैसला लिया है। 15 जून 2026 से 15 अक्टूबर 2026 तक राज्य के सभी बालू घाटों पर खनन गतिविधियां पूरी तरह बंद रहेंगी। यह प्रतिबंध पर्यावरण संरक्षण और नदियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लागू किया गया है।


राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण (SEIAA) की ओर से जारी पर्यावरण स्वीकृति की शर्तों के अनुसार मानसून अवधि में नदी से बालू निकालने की अनुमति नहीं होगी। सरकार ने साफ कर दिया है कि प्रतिबंध के दौरान किसी भी घाट से अवैध तरीके से बालू खनन या परिवहन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


निर्माण कार्यों के लिए तैयार किया गया बालू का स्टॉक

बालू खनन बंद होने के दौरान निर्माण कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए सरकार ने पहले से तैयारी कर ली है। जिलों में करीब 30 से 35 लाख क्यूबिक फीट बालू का बफर स्टॉक सुरक्षित रखा गया है। इस स्टॉक के माध्यम से जरूरत के अनुसार निर्माण कार्यों के लिए बालू उपलब्ध कराया जाएगा।


सरकार का उद्देश्य है कि खनन बंदी के दौरान बाजार में बालू की कृत्रिम कमी पैदा न हो और कीमतों में अचानक बढ़ोतरी नहीं हो। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि बालू की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाए।


अवैध खनन रोकने के लिए बढ़ी निगरानी

मानसून अवधि में अवैध बालू खनन और अवैध परिवहन रोकने के लिए खान एवं भूतत्व विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को विशेष निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निगरानी बढ़ाने को कहा है।


संबंधित थानों को अपने क्षेत्रों में नियमित गश्त करने और अवैध गतिविधियों की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने की जिम्मेदारी दी गई है। प्रशासन की ओर से बालू घाटों और परिवहन मार्गों पर विशेष नजर रखी जाएगी।


बालू लदा ट्रैक्टर जब्त, चालक गिरफ्तार

इसी अभियान के तहत गया जिले में पुलिस ने अवैध बालू ढुलाई के खिलाफ कार्रवाई की है। मैगरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने छापेमारी कर बालू लदे एक ट्रैक्टर को जब्त किया। जांच के दौरान चालक बालू से जुड़े वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका, जिसके बाद पुलिस ने ट्रैक्टर जब्त कर चालक को हिरासत में ले लिया।


पुलिस के अनुसार मामले की जांच जारी है और अवैध खनन या परिवहन में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।


पर्यावरण संरक्षण के लिए हर साल लागू होता है प्रतिबंध

अधिकारियों के मुताबिक मानसून के दौरान नदियों में जलस्तर बढ़ जाता है, जिससे खनन गतिविधियों से पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की संभावना रहती है। इसी कारण हर साल बारिश के मौसम में बालू खनन पर रोक लगाई जाती है।


सरकार का कहना है कि यह फैसला प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ नदी व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी है। वहीं, निर्माण क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त बालू भंडारण की व्यवस्था पहले ही कर ली गई है।


बिहार में 15 जून से शुरू हुई यह खनन बंदी अगले चार महीने तक जारी रहेगी। प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।