DELHI: दिल्ली के AIIMS मेट्रो स्टेशन पर एक महिला यात्री ने CISF के जवान पर चोरी-छिपे अपनी तस्वीरें लेने का आरोप लगाया। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि यात्रियों की भीड़ इकट्ठा हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए CISF ने आरोपी जवान को सस्पेंड कर दिया है। उसके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। हालांकि, पुलिस ने जवान द्वारा यात्रियों पर सर्विस पिस्टल तानने के दावे को गलत बताया है।
महिला यात्री ने लगाया फोटो लेने का आरोप
मिली जानकारी के अनुसार, रविवार की रात करीब 9 बजे मेट्रो कोच में सवार एक महिला यात्री ने आरोप लगाया कि CISF जवान उसकी तस्वीरें चुपके से ले रहा था। तभी महिला की नजर उस पर चली गयी। फिर क्या था महिला ने इसका विरोध किया। सीआईएसएफ जवान से मोबाइल में खीचे गये फोटो को दिखाने की मांग करने लगे। इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गयी। महिला के विरोध को देखते हुए अन्य यात्री भी जवान को मोबाइल दिखाने को कहने लगे। जिसका जवान विरोध करने लगा और मोबाइल दिखाने से मना करने लगा। विवाद बढ़ने के बाद मेट्रो कोच और प्लेटफॉर्म पर काफी संख्या में यात्री जमा हो गए। इस दौरान घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
पिस्टल तानने का भी लगा था आरोप
विवाद के दौरान कुछ यात्रियों ने आरोप लगाया कि CISF जवान ने विरोध कर रहे लोगों की ओर अपनी सर्विस पिस्टल तान दी। यह भी दावा किया गया कि जवान मेट्रो से उतरकर प्लेटफॉर्म पर पिस्टल लेकर खड़ा रहा, जिससे यात्रियों के बीच दहशत का माहौल बन गया। हालांकि, पुलिस ने जांच के बाद पिस्टल तानने के दावे को गलत बताया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, ऐसी कोई घटना नहीं हुई थी।
CISF जवान सस्पेंड, विभागीय जांच शुरू
घटना की जानकारी मिलने के बाद CISF अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया। CISF सूत्रों के मुताबिक, आरोपी जवान को निलंबित कर दिया गया है और उसके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों की ओर से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि महिला यात्री की तस्वीरें लेने का आरोप कितना सही है और घटना के दौरान जवान का व्यवहार कैसा था।
पुलिस को नहीं मिली महिला की शिकायत
मेट्रो पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घटना AIIMS मेट्रो स्टेशन की है। रविवार रात करीब 12:40 बजे PCR कॉल मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। हालांकि, महिला यात्री ने पुलिस के सामने कोई लिखित शिकायत नहीं की थी।
पुलिस के अनुसार, यात्रियों और महिला ने CISF जवान पर फोटो खींचने का आरोप लगाया था। इस संबंध में CISF अधिकारियों को भी जानकारी दे दी गई थी। पुलिस ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर वायरल दावों के विपरीत जवान द्वारा पिस्टल तानने की घटना की पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल CISF की विभागीय जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि महिला की तस्वीरें लेने के आरोप में कितनी सच्चाई है और घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ था।





