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FASTag : टोल पर अब नहीं लगेगी लाइन! आ गया ‘फ्री फ्लो’ हाईटेक सिस्टम; जानें इसके फायदे

दिल्ली में ट्रैफिक व्यवस्था को डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अब बैरियर-लेस टोल सिस्टम शुरू होने से वाहन बिना रुके सीधे टोल पार कर सकेंगे, जिससे सफर और भी तेज व आसान हो जाएगा।

FASTag : टोल पर अब नहीं लगेगी लाइन! आ गया ‘फ्री फ्लो’ हाईटेक सिस्टम;  जानें इसके फायदे
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

FASTag : दिल्ली में सड़क परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अर्बन एक्सटेंशन रोड-II कॉरिडोर पर देश के नए बैरियर-लेस टोल सिस्टम की शुरुआत की है। यह टोल प्लाजा मुंडका-बक्करवाला इलाके में स्थापित किया गया है और इसे अत्याधुनिक मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) तकनीक पर आधारित बनाया गया है। इस सिस्टम के लागू होने के बाद अब वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने या लंबी कतारों में लगने की जरूरत नहीं पड़ेगी।


 क्या है बैरियर-लेस टोल सिस्टम?

यह नया टोल सिस्टम पूरी तरह से डिजिटल और ऑटोमैटिक तकनीक पर काम करता है। इसमें सड़क के ऊपर बड़े-बड़े गैंट्री स्ट्रक्चर लगाए गए हैं, जिनमें हाई-टेक कैमरे और सेंसर मौजूद हैं। जैसे ही कोई वाहन इन गैंट्री के नीचे से गुजरता है, सिस्टम तुरंत उसकी पहचान कर लेता है और टोल शुल्क अपने आप कट जाता है।


इस प्रक्रिया में सबसे अहम भूमिका ANPR (Automatic Number Plate Recognition) कैमरों की होती है, जो चलते वाहनों की नंबर प्लेट को तुरंत स्कैन कर लेते हैं। इसके साथ ही सेंसर वाहन के प्रकार, एक्सल और साइज की पहचान करते हैं। इसके आधार पर टोल की राशि तय की जाती है और उसे वाहन के FASTag खाते से सीधे डेबिट कर लिया जाता है।


कैसे बदल जाएगा सफर का अनुभव?

इस सिस्टम के लागू होने के बाद देशभर के हाईवे पर यात्रा करना पहले की तुलना में काफी आसान और तेज हो जाएगा। अब टोल प्लाजा पर रुकने, धीमे होने या लंबी लाइन में लगने की जरूरत नहीं होगी। इससे ट्रैफिक का प्रवाह स्मूथ रहेगा और जाम की समस्या में बड़ी कमी आएगी। इसके अलावा समय की भी बचत होगी, क्योंकि वाहन बिना रुकावट आगे बढ़ते रहेंगे। साथ ही बार-बार ब्रेक और एक्सीलरेशन की वजह से जो फ्यूल की खपत होती है, वह भी कम होगी, जिससे यात्रियों की जेब पर सकारात्मक असर पड़ेगा।


FASTag अनिवार्य, वरना लगेगा जुर्माना

नई व्यवस्था में FASTag का एक्टिव और पर्याप्त बैलेंस होना बेहद जरूरी है। अगर FASTag से टोल कटने में किसी प्रकार की समस्या आती है, तो National Highways Authority of India (NHAI) वाहन मालिक को ई-नोटिस भेजेगा।नियमों के अनुसार, यदि वाहन मालिक 72 घंटे के भीतर बकाया टोल का भुगतान कर देता है तो उसे केवल सामान्य टोल शुल्क ही देना होगा। लेकिन यदि भुगतान तय समय सीमा के बाद किया जाता है, तो दोगुना टोल शुल्क जुर्माने के रूप में वसूला जाएगा।


 देश में डिजिटल टोलिंग की ओर बड़ा कदम

यह पहल भारत में सड़क परिवहन को पूरी तरह डिजिटल और स्मार्ट बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे न केवल टोल कलेक्शन सिस्टम पारदर्शी होगा बल्कि भ्रष्टाचार और मैनुअल एरर की संभावना भी कम होगी।विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में यह तकनीक देश के अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी लागू की जाएगी। इससे भारत का हाईवे नेटवर्क और अधिक आधुनिक, तेज और कुशल बन सकेगा।


दिल्ली में शुरू हुआ यह बैरियर-लेस टोल सिस्टम भविष्य की स्मार्ट ट्रांसपोर्ट व्यवस्था की झलक पेश करता है। अब यात्रियों को न केवल तेज और सुविधाजनक सफर मिलेगा बल्कि देश की सड़क प्रणाली भी डिजिटल इंडिया मिशन को नई मजबूती देगी।

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