ब्रेकिंग
दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके, उत्तराखंड के चमोली में 4.9 तीव्रता से हिली धरती✦सहरसा में बंद फ्लैट से 25 लाख के गहनों की चोरी, कामवाली और गार्ड पर मिलीभगत का शक✦भोजपुर में घर के बाहर खड़े प्रॉपर्टी डीलर को मारी गोली, गंभीर हालत में मेडिकोन हॉस्पिटल में एडमिट, CCTV खंगालने में जुटी पुलिस✦11 साल से फर्जी डिग्री पर कर रहा था सरकारी नौकरी! शेखपुरा के शिक्षक हरेराम को स्कूल से पुलिस ने दबोचा✦जहानाबाद के सरकारी स्कूल में बच्चों के बीच बैठकर डीएम ने खाया मिड-डे मील, कम उपस्थिति पर जताई नाराजगी✦दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके, उत्तराखंड के चमोली में 4.9 तीव्रता से हिली धरती✦सहरसा में बंद फ्लैट से 25 लाख के गहनों की चोरी, कामवाली और गार्ड पर मिलीभगत का शक✦भोजपुर में घर के बाहर खड़े प्रॉपर्टी डीलर को मारी गोली, गंभीर हालत में मेडिकोन हॉस्पिटल में एडमिट, CCTV खंगालने में जुटी पुलिस✦11 साल से फर्जी डिग्री पर कर रहा था सरकारी नौकरी! शेखपुरा के शिक्षक हरेराम को स्कूल से पुलिस ने दबोचा✦जहानाबाद के सरकारी स्कूल में बच्चों के बीच बैठकर डीएम ने खाया मिड-डे मील, कम उपस्थिति पर जताई नाराजगी

CRPF बटालियन पर उग्रवादियों ने किया हमला, 2 जवान शहीद

मणिपुर से फिर हिंसा की खबरें सामने आ रही हैं। यहां नारानसेना इलाके में कुकी उग्रवादियों ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) पर घात लगाकर लगातार हामले किए। इस हमले में दो जवानों की जान चली गई। मण

CRPF बटालियन पर उग्रवादियों ने किया हमला, 2 जवान शहीद
Tejpratap
Tejpratap
2 मिनट

मणिपुर से फिर हिंसा की खबरें सामने आ रही हैं। यहां नारानसेना इलाके में कुकी उग्रवादियों ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) पर घात लगाकर लगातार हामले किए। इस हमले में दो जवानों की जान चली गई। मणिपुर पुलिस ने कहा कि ये जवान राज्य के बिष्णुपुर जिले के नारानसेना इलाके में तैनात सीआरपीएफ की 128वीं बटालियन के हैं।


इस बारे में जानकारी देते हुए मणिपुर पुलिस ने बताया कि शुक्रवार की देर रात से करीब सुबह सवा दो बजे के बीच कुकी उग्रवादियों के हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के दो जवानों की जान चली गई। ये दोनों जवान मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के नारानसेना इलाके में तैनात थे। 


मालूम हो कि, पिछले साल 3 मई को मेइतेई समुदाय की अनुसूचित जनजाति (एसटी) दर्जे की मांग के विरोध में पहाड़ी जिलों में आयोजित 'आदिवासी एकजुटता मार्च' के बाद भड़की जातीय हिंसा के बाद से मणिपुर में 180 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। मणिपुर की आबादी में मैतेई लोगों की संख्या लगभग 53 प्रतिशत है और वे ज्यादातर इम्फाल घाटी में रहते हैं, जबकि आदिवासी, जिनमें नागा और कुकी शामिल हैं, 40 प्रतिशत हैं और मुख्य रूप से पहाड़ी जिलों में रहते हैं।