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कोरोना से IMA के पूर्व अध्यक्ष का निधन, एम्स में इलाज के दौरान हुई मौत

DESK : इस वक़्त एक दुखद खबर सामने आ रही है. हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट और IMA (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के पूर्व अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. केके अग्रवाल का निधन हो गया. डॉ

कोरोना से IMA के पूर्व अध्यक्ष का निधन, एम्स में इलाज के दौरान हुई मौत
First Bihar
3 मिनट

DESK : इस वक़्त एक दुखद खबर सामने आ रही है. हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट और IMA (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के पूर्व अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. केके अग्रवाल का निधन हो गया. डॉ. केके अग्रवाल को कोरोना संक्रमण के बाद एम्स के ICU में भर्ती कराया गया था. वे पिछले कई दिन से एम्स के ट्रामा सेंटर में भर्ती थे. तीन दिन पहले ही तबीयत बिगड़ने के चलते उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था.


बता दें कि केके अग्रवाल ने अपने ट्विटर अकाउंट पर बीते 28 अप्रैल को जानकारी दी थी कि वो कोरोना संक्रमित हो गए हैं. उन्होंने कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज ली हुई थी. हालांकि कोरोना संक्रमित होने के बावजूद वह लोगों को एजुकेट करने के काम में लगे हए थे.


डॉ. केके अग्रवाल के निधन की जानकारी उनके ट्विटर हैंडल से ही साझा की गई। उनके ट्विटर हैंडल पर किए गए ट्वीट में लिखा गया, 'काफी दुख के साथ सूचित किया जा रहा है कि डॉ. केके अग्रवाल का 17 मई की रात 11.30 बजे के करीब कोरोना से लंबी लड़ाई लड़ते हुए निधन हो गया. जब से वह डॉक्टर बने थे, उन्होंने अपना जीवन लोगों और स्वास्थ्य जागरूकता को लेकर समर्पित कर दिया था.'



डॉ. केके अग्रवाल अपने प्रोफेशन की वजह से तो मशहूर थे ही. साथ ही वह अपनी नेकदिली के लिए भी जाने जाते थे. कोरोना काल के दौरान उनकी नेकदिली सबने देखी. उन्होंने हजारों लोगों की संकट के दौरान मदद की.आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों का उन्होंने मुफ्त इलाज किया. कोरोना संकट काल में वह एक वॉरियर्स के तौर पर हमेशा डटे रहे, लेकिन दुखद है कि उसी कोरोना से वह जिंदगी की जंग हार गए. 


डॉ. केके अग्रवाल हार्ट केयर फाउंडेशन के प्रेसिडेंट थे. इससे पहले वो इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रह चुके थे. साल 2010 में मेडिकल क्षेत्र में उनके योगदान के लिए भारत सरकार की तरफ से उन्हें पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. केके अग्रवाल ने 1979 में नागपुर यूनिवर्सिटी से MBBS की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने इसी विश्वविद्यालय से 1983 में MS की डिग्री हासिल की. उन्होंने पुरातन वैदिक दवाओं और आधुनिक दवाओं के मेलजोल को लेकर कई किताबें लिखी हैं. मेडिकल के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए अग्रवाल को डॉ. बीसी रॉय पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है. 

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