ब्रेकिंग
पटना विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में हंगामा, छात्रों ने की डिग्री की मांग; बिना भाषण दिए लौटे राज्यपालपुनौराधाम के सीताराम मंडपम में विराजमान हुईं माता सीता और श्रीराम, सीएम सम्राट ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच की प्राण-प्रतिष्ठाबिहार के इस जिले को मिली रेलवे की बड़ी सौगात, 4,600 करोड़ की परियोजनाओं को मंजूरी; दोहरीकरण से बायपास तक होगा बड़ा कामब्रश निकालने गई महिला को सांप ने डसा, परिजनों ने डिब्बे में किया बंद और पहुंच गए अस्पताल; नजारा देख डॉक्टर भी रह गए हैरान24 घंटे बाद भी लापता युवक का नहीं मिला सुराग: आक्रोशित परिजनों ने सड़क पर उतरकर किया प्रदर्शन, घंटों जाम से परेशान रहे राहगीरपटना विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में हंगामा, छात्रों ने की डिग्री की मांग; बिना भाषण दिए लौटे राज्यपालपुनौराधाम के सीताराम मंडपम में विराजमान हुईं माता सीता और श्रीराम, सीएम सम्राट ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच की प्राण-प्रतिष्ठाबिहार के इस जिले को मिली रेलवे की बड़ी सौगात, 4,600 करोड़ की परियोजनाओं को मंजूरी; दोहरीकरण से बायपास तक होगा बड़ा कामब्रश निकालने गई महिला को सांप ने डसा, परिजनों ने डिब्बे में किया बंद और पहुंच गए अस्पताल; नजारा देख डॉक्टर भी रह गए हैरान24 घंटे बाद भी लापता युवक का नहीं मिला सुराग: आक्रोशित परिजनों ने सड़क पर उतरकर किया प्रदर्शन, घंटों जाम से परेशान रहे राहगीर

कोराना वैक्सीन कोविशिल्ड के हो सकते हैं साइड इफेक्ट्स! : अदालत में कंपनी ने खुद कबूला

DESK : कोरोना की वैक्सीन कोविशिल्ड को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। कोविशिल्ड बनाने वाली कंपनी एस्ट्राजेनेका ने एक अदालती दस्तावेज में यह स्वीकार किया है कि उसके कोविड-19 के ट

कोराना वैक्सीन कोविशिल्ड के हो सकते हैं साइड इफेक्ट्स! : अदालत में कंपनी ने खुद कबूला
Mukesh Srivastava
2 मिनट

DESK : कोरोना की वैक्सीन कोविशिल्ड को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। कोविशिल्ड बनाने वाली कंपनी एस्ट्राजेनेका ने एक अदालती दस्तावेज में यह स्वीकार किया है कि उसके कोविड-19 के टीके से टीएसएस जैसे दुर्लभ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। बता दें कि थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम यानी टीएसएस शरीर में खून के थक्के और कम प्लेटलेट काउंट का कारण बनती है।


रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका कोविड वैक्सीन विश्वस्तर पर कोविशिल्ड और वैक्सजेवरिया ब्रांड के नाम से बेची गई थी। यूके हाईकोर्ट को सौंपे गए कानूनी दस्तावेजों में कंपनी ने माना है कि उसका टीका बहुत ही दुर्लभ मामलों में टीएसएस का कारण बन सकता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा कारणों से यह वैक्सीन अब यूके में नहीं दी जाती है।


दरअसल, कंपनी को यूके में क्लास एक्शन मुकदमें का सामना करना पड़ रहा है। जिसमें ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के सहयोग से विकसित उसके टीके से गंभीर साइड इफेक्ट और मौतों का आरोप लगाया गया है। अप्रैल, 2021 में वैक्सीन लेने के बाद ब्रेम डैमेज के शिकार हुए जेमी स्कॉट नाम के एक शख्स ने इस मामले में केस दर्ज कराया था। बता दें कि कोविशिल्ड बनाने वाली कंपनी एस्ट्राजेनेका ने वर्ष 2024 की पहली तिमाही में अपना राजस्व 10 बिलियन पाउंड से अधिक बताया है।