ब्रेकिंग
भारी बारिश के बीच दिल्ली में बड़ा हादसा, निर्माणाधीन इमारत गिरी; मलबे में कई लोगों के दबने की आशंकाबिहार में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा, सरकारी भवनों पर लगेंगे 500 मेगावाट सोलर प्लांटबिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: चार शहरों में विकसित होंगी आधुनिक सैटेलाइट टाउनशिपदहेज हत्या मामले में बड़ी कार्रवाई, पत्नी के मर्डर के आरोपी BDO के बाद अब महिला दारोगा गिरफ्तारमुकेश सहनी का यूपी में भाजपा पर बड़ा हमला, बोले- 'आरक्षण नहीं तो वोट नहीं', 2027 में निषाद समाज देगा जवाबभारी बारिश के बीच दिल्ली में बड़ा हादसा, निर्माणाधीन इमारत गिरी; मलबे में कई लोगों के दबने की आशंकाबिहार में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा, सरकारी भवनों पर लगेंगे 500 मेगावाट सोलर प्लांटबिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: चार शहरों में विकसित होंगी आधुनिक सैटेलाइट टाउनशिपदहेज हत्या मामले में बड़ी कार्रवाई, पत्नी के मर्डर के आरोपी BDO के बाद अब महिला दारोगा गिरफ्तारमुकेश सहनी का यूपी में भाजपा पर बड़ा हमला, बोले- 'आरक्षण नहीं तो वोट नहीं', 2027 में निषाद समाज देगा जवाब

कोरोना का असर : राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को शाही लीची और जर्दालु आम नहीं मिलेगा

MUZAFFARPUR : कोरोना संक्रमण के इस काल में दशकों बाद ऐसा होगा कि मुजफ्फरपुर की शाही लीची और भागलपुर के जर्दालु आम की महक राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री आवास में नहीं पहुंचेगी. इस बार राष्ट्

FirstBihar
Anamika
2 मिनट

MUZAFFARPUR : कोरोना संक्रमण के इस काल में दशकों बाद ऐसा होगा कि मुजफ्फरपुर की शाही लीची और भागलपुर के जर्दालु आम की महक राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री आवास में नहीं पहुंचेगी.

 इस बार राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री आवास पर शाही लीची और जर्दालु आम नहीं भेजी जा रही है. ऐसा पहली बार हुआ है कि कैबिनेट सचिव की ओर से शाही लीची राष्ट्रपति और पीएम आवास भेजने को लेकर कोई दिशा-निर्देश नहीं आया है. जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार के मुताबिक इस बार लीची राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री आवास पर भेजने का कोई दिशा-निर्देश नहीं है, इसलिए ऐसा माना जा रहा है कि इस बार शाही लीची और जर्दालु आम राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री आवास पर नहीं भेजे जाएंगे.

बता दें कि हर साल बिहार सरकार भागलपुर का जर्दालु आम दिल्ली में रहने वाले देश के तमाम लोगों को भेजती रही है. खबर के मुताबिक आम सुल्तानगंज के तिलकपुर गांव स्थित मधुबन बगीचा से भेजा जाता है. मालिक और उत्पादक संघ के अध्यक्ष अशोक चौधरी ने बताया कि हर बार 21-22 मई को खरीदने के लिए राज्य सरकार की थी भेजी गई चिट्ठी जिला प्रशासन के द्वारा उन्हें मिल जाती थी और 1 से 2 जून के बीच आम बगीचा से उठ जाता था. लेकिन इस बार अभी तक ऐसा कोई भी आदेश बिहार सरकार की ओर से उन्हें नहीं मिला है. जिसके बाद यह माना जा रहा है कि मुजफ्फरपुर की शाही लीची और भागलपुर का जर्दालु आम राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री आवास में नहीं भेजा जाएगा.