Cockroach Janata Party Controversy: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को लेकर जारी विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। मामले में एक याचिका दायर कर CJP से जुड़े लोगों के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो से स्वतंत्र जांच कराने और एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। याचिका में फर्जी कानून डिग्रियों के इस्तेमाल, प्रतिरूपण और सर्वोच्च न्यायालय की संस्थागत पहचान के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
याचिकाकर्ता का आरोप है कि संबंधित व्यक्तियों ने खुद को वकील और कानूनी विशेषज्ञ बताकर जनता को गुमराह किया तथा न्यायिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाया। याचिका में CBI को कथित जाली डिग्रियों और आपराधिक साजिश की गहन जांच करने का निर्देश देने की मांग की गई है।
खुफिया ब्यूरो (IB) की रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार के निर्देश पर गुरुवार को CJP के आधिकारिक एक्स हैंडल को भारत में प्रतिबंधित कर दिया गया। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69A के तहत यह कार्रवाई की। एजेंसियों ने CJP पर भड़काऊ सामग्री फैलाने और देश की संप्रभुता को चुनौती देने का आरोप लगाया है।
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ एक व्यंग्यात्मक और मीम-आधारित डिजिटल आंदोलन है, जिसकी शुरुआत बोस्टन विश्वविद्यालय के छात्र अभिजीत दीपके ने की थी। यह संगठन खुद को ‘बेरोजगार युवाओं की आवाज’ बताता है। हाल के दिनों में यह आंदोलन खासकर जेन-जी युवाओं के बीच तेजी से वायरल हुआ और सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स हासिल किए।
प्रतिबंध लगने के बाद अभिजीत दीपके ने नया हैंडल ‘Cockroach is Back’ शुरू किया और समर्थकों से इससे जुड़ने की अपील की। शनिवार को उन्होंने दावा किया कि कई सोशल मीडिया अकाउंट हटाए जाने और हैकिंग की घटनाओं के बाद संगठन की किसी भी सोशल मीडिया प्रोफाइल तक पहुंच नहीं बची है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनका निजी इंस्टाग्राम अकाउंट भी हैक कर लिया गया है।
दीपके ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि CJP के आधिकारिक अकाउंट्स पर कार्रवाई की गई है, बैकअप अकाउंट भी बंद कर दिया गया है और फिलहाल संगठन किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग नहीं कर पा रहा है। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि आगे आने वाले किसी भी पोस्ट को CJP का आधिकारिक बयान न माना जाए। संगठन की वेबसाइट भी फिलहाल बंद बताई जा रही है।



