1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Mar 30, 2026, 2:11:02 PM
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Census 2027 India: देश में जनगणना 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं और यह प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने वाली है। इस बार जनगणना में कई अहम बदलाव किए गए हैं। खास बात यह है कि एक ही घर में “स्थिर रिश्ते” (स्टेबल यूनियन) में रहने वाले लिव-इन कपल को भी शादीशुदा जोड़ा माना जाएगा।
जनगणना के सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल पर जारी FAQ के अनुसार, यदि कोई कपल अपने रिश्ते को स्थिर मानता है, तो उसे शादीशुदा के रूप में दर्ज किया जाएगा। हालांकि, यह पहली बार सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया गया है, लेकिन पूर्व अधिकारियों के मुताबिक पहले भी ऐसे मामलों में स्वयं को शादीशुदा बताने वाले कपल को उसी रूप में दर्ज किया जाता था।
जनगणना के ‘हाउसलिस्टिंग’ चरण में कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें एक सवाल घर में रहने वाले शादीशुदा जोड़ों की संख्या से जुड़ा होगा। यह चरण 45 दिनों तक चलेगा। इसकी अवधि 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच होगी, जिसकी तिथियां राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अलग-अलग तय करेंगे।
इस 45 दिन की प्रक्रिया में शुरुआती 15 दिन सेल्फ-एन्यूमरेशन के होंगे, जिसमें लोग खुद पोर्टल पर अपनी जानकारी भर सकेंगे। इसके बाद अगले 30 दिनों तक जनगणना अधिकारी घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। जनगणना के नियमों के अनुसार, किसी भी जानकारी के लिए दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं होगी। लोगों को अपनी जानकारी के आधार पर सही उत्तर देना होगा और अधिकारी वही दर्ज करेंगे जो घर के सदस्य बताएंगे।
सेल्फ-एन्यूमरेशन की सुविधा 1 अप्रैल से दिल्ली के NDMC क्षेत्र में शुरू हो रही है। यह सुविधा अंग्रेजी सहित 15 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होगी। घर का कोई भी जिम्मेदार वयस्क सदस्य OTP आधारित सत्यापन के बाद यह प्रक्रिया पूरी कर सकता है।
इस प्रक्रिया में घर की लोकेशन को सही तरीके से जियोटैग करना अनिवार्य होगा। इसके लिए जिला चुनना, पिन कोड डालना और मैप पर अपने घर को सही स्थान पर मार्क करना होगा। गलत लोकेशन दर्ज करने पर डेटा जनगणना अधिकारियों तक नहीं पहुंच पाएगा।
पूरी जानकारी भरने के बाद फॉर्म जमा किया जा सकता है, जिसे 15 दिनों के भीतर अलग-अलग चरणों में सेव और पूरा किया जा सकता है। फॉर्म जमा होने पर एक SE ID जनरेट होगी, जिसे बाद में सत्यापन के लिए अधिकारी को देना होगा।
अधिकारियों के अनुसार, पूरी प्रक्रिया में 15 से 20 मिनट का समय लगेगा। एक बार फॉर्म जमा होने के बाद बदलाव केवल जनगणना अधिकारी ही कर सकेंगे। यह पोर्टल केवल भारत की भौगोलिक सीमा के भीतर ही उपयोग किया जा सकेगा और सभी डेटा सुरक्षित सरकारी सर्वर में एन्क्रिप्टेड रूप में संग्रहीत रहेगा।