ब्रेकिंग
BSEB के तीन कर्मचारियों पर गिरी गाज, फर्जी डिग्री के सहारे 30 साल से कर रहे थे नौकरी✦Bihar News: CSP संचालक से 3 लाख की लूट का आरोपी गिरफ्तार, वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद✦अनंत के दुश्मन ने नीरज से मिलाया हाथ, पटना स्नातक MLC चुनाव में नया ट्विस्ट; अपने ही प्रत्याशी से क्यों दूर हुए जनसुराज नेता पियूष?✦Bihar Flood: बिहार में फिर बाढ़ का खतरा! 22 गांवों का सड़क संपर्क टूटा, 17 जिलों में अलर्ट; कोसी-गंडक उफान पर✦Bihar News: इधर मिला VRS, उधर बन गए CIC! DGP विनय कुमार की छुट्टी निकली ‘स्पेशल’, पढ़िए कैसे मिली नई कुर्सी✦BSEB के तीन कर्मचारियों पर गिरी गाज, फर्जी डिग्री के सहारे 30 साल से कर रहे थे नौकरी✦Bihar News: CSP संचालक से 3 लाख की लूट का आरोपी गिरफ्तार, वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद✦अनंत के दुश्मन ने नीरज से मिलाया हाथ, पटना स्नातक MLC चुनाव में नया ट्विस्ट; अपने ही प्रत्याशी से क्यों दूर हुए जनसुराज नेता पियूष?✦Bihar Flood: बिहार में फिर बाढ़ का खतरा! 22 गांवों का सड़क संपर्क टूटा, 17 जिलों में अलर्ट; कोसी-गंडक उफान पर✦Bihar News: इधर मिला VRS, उधर बन गए CIC! DGP विनय कुमार की छुट्टी निकली ‘स्पेशल’, पढ़िए कैसे मिली नई कुर्सी

बिहार में हड़ताल पर गए पंचायत सचिवों पर एक्शन, DM ने एकसाथ 118 को किया सस्पेंड

Bihar News: मधुबनी में हड़ताल पर गए 118 पंचायत सचिवों को जिला प्रशासन ने निलंबित कर दिया है। जनहित कार्यों और विकास योजनाओं में लापरवाही व अनुपस्थिति को लेकर यह सख्त कार्रवाई की गई है।

Bihar News
प्रतिकात्मक तस्वीर
© AI
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar News: बिहार में हड़ताल पर गए पंचायत सचिवों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। मधुबनी जिले में एक साथ 118 पंचायत सचिवों को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई डीएम आनंद शर्मा ने बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के तहत की है।


निलंबित सचिवों पर जनहित से जुड़े कार्यों, विकास योजनाओं और जनगणना 2027 की तैयारियों में लापरवाही और लंबे समय से अनुपस्थित रहने का आरोप है। डीएम ने कहा कि इन कर्मचारियों को पहले भी कई बार निर्देश दिए गए थे, लेकिन उन्होंने सरकारी आदेशों की अवहेलना की और कार्यस्थल पर उपस्थित नहीं हुए।


एक दिन पहले ही पंचायती राज विभाग ने हड़ताली पंचायत सचिवों को बिना शर्त काम पर लौटने का निर्देश दिया था और चेतावनी दी थी कि ऐसा न करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।


डीएम आनंद शर्मा ने कहा कि पंचायत सचिव ग्रामीण प्रशासन की रीढ़ हैं और जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना तथा विकास कार्यों के क्रियान्वयन में उनकी अहम भूमिका होती है। ऐसे में कार्य से अनधिकृत अनुपस्थिति केवल लापरवाही नहीं बल्कि जनता के अधिकारों और विकास कार्यों को प्रभावित करने वाला गंभीर मामला है।


उन्होंने बताया कि संबंधित सचिवों को पहले भी सात दिनों के भीतर कार्यस्थल पर लौटने और लंबित कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन पालन नहीं किया गया। इसके बाद पंचायती राज विभाग के निर्देशों और रिपोर्ट के आधार पर यह सख्त कदम उठाया गया। बता दें कि बिहार के पंचायत सचिव विभिन्न मांगों को लेकर बीते 8 अप्रैल से हड़ताल पर हैं।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता