ब्रेकिंग
मिट्ठू लाओ-50 हजार का ईनाम पाओ: बिल्ली की डर से उड़ा 14 साल पुराना तोता, पूरे इलाके में मालिक ने लगाया पोस्टर ✦PM आवास योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा! छह परिवारों पर गिरेगी गाज... होगी सरकारी राशि की वसूली✦सेल टैक्स ऑफिस में निगरानी की रेड, 25 हजार रिश्वत लेते असिस्टेंट कमिश्नर और डाटा एंट्री ऑपरेटर गिरफ्तार✦कोचिंग से लौटते ही नदी में नहाने निकले 3 किशोर, कुछ देर बाद आई मौत की खबर; परिवार में कोहराम✦बिहार के इस CO ने सरकारी राशि में 11.47 लाख का किया खेल ! जिलाधिकारी की रिपोर्ट पर अब होगी यह कार्रवाई...✦मिट्ठू लाओ-50 हजार का ईनाम पाओ: बिल्ली की डर से उड़ा 14 साल पुराना तोता, पूरे इलाके में मालिक ने लगाया पोस्टर ✦PM आवास योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा! छह परिवारों पर गिरेगी गाज... होगी सरकारी राशि की वसूली✦सेल टैक्स ऑफिस में निगरानी की रेड, 25 हजार रिश्वत लेते असिस्टेंट कमिश्नर और डाटा एंट्री ऑपरेटर गिरफ्तार✦कोचिंग से लौटते ही नदी में नहाने निकले 3 किशोर, कुछ देर बाद आई मौत की खबर; परिवार में कोहराम✦बिहार के इस CO ने सरकारी राशि में 11.47 लाख का किया खेल ! जिलाधिकारी की रिपोर्ट पर अब होगी यह कार्रवाई...

Cyber Crime: बैंकों के अधिकारियों ने ठगों के साथ मिलकर खोले फर्जी खाते, CBI ने किया गिरफ्तार

Cyber Crime: पटना से जुड़े साइबर अपराध के मामले में सीबीआई ने दो बैंक अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार बैंककर्मी वाराणसी और बेतिया से पकड़े गए।

Cyber Crime
साइबर क्राइम
© GOOGLE
PRIYA DWIVEDI
2 मिनट

Cyber Crime: पटना से जुड़े साइबर अपराध के मामले में सीबीआई ने दो बैंक अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार बैंककर्मी वाराणसी और बेतिया से पकड़े गए। आरोप है कि इन दोनों ने साइबर अपराधियों के साथ साठ-गांठ कर फर्जी बैंक खाते खोले और उनका इस्तेमाल धोखाधड़ी में धन हस्तांतरण के लिए किया।


सीबीआई ने बताया कि डिजिटल उपकरणों और अन्य प्रमाणों के आधार पर केनरा बैंक, पटना की तत्कालीन सहायक प्रबंधक शालिनी सिन्हा और एक्सिस बैंक, पटना के तत्कालीन बिजनेस डेवलपमेंट एसोसिएट अभिषेक कुमार के खिलाफ पर्याप्त सबूत जुटाए गए हैं। शालिनी सिन्हा लगभग पांच साल पहले चितईपुर ब्रांच में नियुक्त हुई थीं।


जांच में सामने आया कि दोनों अधिकारियों ने फर्जी खाते खोलने, उन्हें संचालित करने और साइबर धोखेबाजों के लेनदेन में मार्गदर्शक की भूमिका निभाने के बदले मोटी रिश्वत ली। इसके अलावा, उन्होंने जालसाजों को बैंक सिस्टम द्वारा उत्पन्न चेतावनी संकेतों से बचने के तरीके भी बताए।


इससे पहले सीबीआई ने देशभर में 61 स्थानों पर छापेमारी की थी, जिसमें 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए गए। इस गिरफ्तारी के बाद जांच के दायरे को और बढ़ाया गया है, जिससे यह स्पष्ट हो रहा है कि बैंक अधिकारियों की भूमिका साइबर धोखाधड़ी के बड़े नेटवर्क में कितनी अहम थी।


पुलिस और जांच एजेंसियां इस मामले में सभी डिजिटल और वित्तीय प्रमाणों की गहन जांच कर रही हैं, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।