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बिलकिस बानो केस: सुप्रीम कोर्ट से सभी 11 दोषियों को झटका, SC ने सरेंडर की अवधि बढ़ाने वाली याचिका ठुकराई

DELHI: गुजरात के चर्चित बिलकिस बानो केस के सभी 11 दोषियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने इस केस के दोषियों की याचिका को ठुकरा दिया है। सभी ने सरेंडर की

बिलकिस बानो केस: सुप्रीम कोर्ट से सभी 11 दोषियों को झटका, SC ने सरेंडर की अवधि बढ़ाने वाली याचिका ठुकराई
Mukesh Srivastava
3 मिनट

DELHI: गुजरात के चर्चित बिलकिस बानो केस के सभी 11 दोषियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने इस केस के दोषियों की याचिका को ठुकरा दिया है। सभी ने सरेंडर की अवधि बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट से अपील किया था। कोर्ट ने दोषियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए उसे खारिज कर दिया।


दरअसल, बिलकिस बानों केस के सभी दोषियों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर कर समर्पण की अवधि बढ़ाने की अपील की थी। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने सभी की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया और याचिकाओं को ठुकरा दी। दोषियों ने निजी कारणों का हवाला देते हुए 4 से 6 हफ्ते का अतिरिक्त समय मांगा था। कोर्ट ने सभी को 2 सप्ताह में समर्पण करने को कहा था। ऐसे में उन्हें 21 जनवरी को सरेंडर कर वापस जेल जाना होगा।


बीते 8 जनवरी कोबिलकिस बानों केस के दोषियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा था। सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों की रिहाई का फैसला रद्द करते हुए उन्हें सरेंडर करने को कहा था। अगस्त 2022 में गुजरात सरकार ने बिलकिस बानो गैंगरेप केस में उम्रकैद की सजा पाए सभी 11 दोषियों को रिहा कर दिया था। दोषियों की रिहाई को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि राज्य इस तरह का निर्णय लेने के लिए सक्षम नहीं है।


जस्टिस बीवी नागरत्ना की बेंच ने बिलकिस बानो केस में 11 दोषियों को बरी करने के गुजरात सरकार के फैसले को रद्द कर दिया था और दोषियों को दो हफ्ते में सरेंडर करने के लिए कहा था। कोर्ट के आदेश के बाद 11 दोषियों ने सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दाखिल कर आत्मसमर्पण की अवधि बढ़ाने की मांग की थी।


बता दें कि साल 2002 में गोधरा ट्रेन अग्निकांड के बाद हुए दंगों के दौरान बिलकिस बानो के साथ गैंगरेप की वारदात हुई थी और उनके परिवार के सात सदस्यों की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 21 जनवरी 2008 को CBI की विशेष अदालत ने 11 लोगों को दोषी ठहराते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई थी। 15 अगस्त 2022 को गुजरात सरकार गुजरात दंगों के दौरान बिलकिस बानो के साथ गैंगरेप के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे सभी 11 दोषियों को माफी देते हुए जेल से रिहा कर दिया था। गुजरात सरकार के इस फैसले के खिलाफ बिलकिस बानों ने दोषियों की रिहाई को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।