Bihar Delhi Bus Service: दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ के दौरान बिहार से दिल्ली और दिल्ली से बिहार आने-जाने वाले यात्रियों के लिए राहत की खबर है. त्योहारों के दौरान ट्रेनों में बढ़ने वाली भीड़ और लंबी वेटिंग को देखते हुए बिहार और दिल्ली के बीच 120 से अधिक स्पेशल और रेगुलर बसों का परिचालन किया जाएगा. यात्रियों की सुविधा के लिए बसों में एसी, नॉन-एसी, डीलक्स सेमी-स्लीपर और स्लीपर जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी.
सितंबर से शुरू होगी टिकटों की बुकिंग
त्योहारी सीजन को देखते हुए बसों की टिकट बुकिंग सितंबर से शुरू करने की तैयारी है. वहीं दशहरा स्पेशल बसों के लिए एडवांस बुकिंग अक्टूबर के पहले सप्ताह से शुरू होने की संभावना है. परिवहन विभाग अक्टूबर से ही इन बसों का परिचालन शुरू करने की तैयारी में जुटा है.
त्योहारों के दौरान करीब 60 स्पेशल डीजल और सीएनजी बसें चलाने की योजना है. इसके अलावा नियमित बसों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी. खास बात यह है कि स्पेशल बस सेवा केवल त्योहारों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे सालभर नियमित रूप से संचालित करने की योजना है.
प्राइवेट ऑपरेटर भी बढ़ाएंगे बसों की संख्या
बिहार और दिल्ली के बीच फिलहाल 432 बसों का परमिट कोटा तय है. नियमित बसों की संख्या बढ़ाने के लिए परमिट देने की प्रक्रिया चल रही है. परिवहन विभाग की ओर से अगले कुछ दिनों में स्पेशल बसों के संचालन का प्रस्ताव सरकार को भेजे जाने की तैयारी है.
इसके अलावा अगले महीने पटना से दिल्ली के बीच चार नई लग्जरी बसों के संचालन की भी योजना है. त्योहारी सीजन में निजी बस ऑपरेटरों की ओर से करीब 30 अतिरिक्त बसें चलाए जाने की संभावना है.
8 से 16 घंटे में पूरा होगा सफर
बिहार और दिल्ली के बीच चलने वाली बसों में यात्रियों को 42 से 56 सीटों के विकल्प मिलेंगे. रूट के अनुसार एसी और नॉन-एसी के अलावा डीलक्स सेमी-स्लीपर और स्लीपर बसें भी उपलब्ध रहेंगी. सड़क मार्ग से दिल्ली से बिहार के अलग-अलग शहरों तक का सफर करीब 8 से 16 घंटे में पूरा किया जा सकेगा.
प्रमुख शहरों के लिए इतना होगा किराया
- पटना: 1500 से 2100 रुपये
- मुजफ्फरपुर और बक्सर: 1500 से 2500 रुपये
- दरभंगा: 1600 से 2600 रुपये
- भागलपुर: 2800 से 3500 रुपये
- पूर्णिया: 2000 से 2800 रुपये
- गया: 1500 से 2300 रुपये
इन बस सेवाओं के शुरू होने के बाद दिल्ली से पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया और भागलपुर समेत बिहार के कई प्रमुख शहरों के लिए यात्रियों को सीधी बस सेवा का विकल्प मिलेगा. इससे त्योहारों के दौरान ट्रेनों में सीट नहीं मिलने वाले यात्रियों को सड़क मार्ग से अपने घर पहुंचने का एक और विकल्प उपलब्ध होगा.





