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Bihar News: भोजपुर में कथित पुलिस एनकाउंटर: भरत तिवारी के पिता-भाई पर भी मुकदमा, BJP नेताओं के विरोध का कोई असर नहीं

भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस ने मृतक भरत तिवारी के साथ-साथ उसके पिता काशीनाथ तिवारी और भाई चंदन तिवारी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की है। दूसरी ओर, मृतक की मां द्वारा कथित फर्जी एनकाउं

Baharat tiwari
Bharat tiwari
© File photo
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

ARA: बिहार के भोजपुर जिले में हुई कथित पुलिस एनकाउंटर में युवक भरत भूषण तिवारी की मौत के मामले में सत्तारूढ़ भाजपा के नेताओं द्वारा गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस बीच पुलिस ने एक नया कारनामा करते हुए मृतक के पिता और भाई पर भी मुकदमा दर्ज कर लिया है। मृतक की मां ने पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करने का आवेदन दिया था, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।


पुलिस ने दर्ज किए दो FiR 

बता दें कि भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बिलौटी गांव में 17 जून की सुबह यह घटना हुई थी। पुलिस ने इस मामले में दो अलग-अलग प्राथमिकियां (एफआईआर) दर्ज की हैं। पहली एफआईआर मृतक भरत भूषण तिवारी के नाम दर्ज की गई है, जिसमें उसे पुलिस पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया गया है। दूसरी एफआईआर में भरत के पिता काशीनाथ तिवारी और भाई चंदन तिवारी को आरोपी बनाया गया है।


मृतक भरत भूषण तिवारी के खिलाफ एफआईआर

पुलिस द्वारा डेज प्राथमिकी में आरोप है कि भरत भूषण तिवारी के पास अवैध हथियार होने की सूचना मिली थी। इस सूचना की पुष्टि, हथियार बरामदगी और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीम 17 जून की सुबह बिलौटी गांव पहुंची। कार्रवाई के दौरान भरत भूषण तिवारी ने पुलिस दल पर जानलेवा हमला कर फायरिंग की, जिससे पुलिसकर्मी बाल-बाल बचे।


पिता और भाई के खिलाफ भी एफआईआर

पुलिस द्वारा दर्ज इस फिर में आरोप लगाया गया है कि दोनों ने घर में अवैध हथियार रखे थे और भरत भूषण तिवारी को संरक्षण प्रदान कर रहे थे। दोनों एफआईआर शाहपुर थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार के बयान पर दर्ज की गई हैं।

आरोपी थानेदार ने दर्ज कराया FIR 

भरत तिवारी के साथ साथ उसके पिता और भाई पर एफआईआर दर्ज कराने वाले  वही राजेश मालाकार हैं, जिन्हें भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में लापरवाही और गंभीर चूक का दोषी पाए जाने के बाद निलंबित कर दिया गया है। फिर भी, एनकाउंटर से संबंधित दोनों एफआईआर उन्हीं के बयान के आधार पर दर्ज हुई हैं।


मृतक की मां का आरोप पर कार्रवाई नहीं

भरत भूषण तिवारी की मां ने पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने एफआईआर दर्ज करने के लिए लिखित आवेदन दिया है, लेकिन पुलिस ने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की।


यह पूरा मामला भोजपुर जिले में सनसनी फैला रहा है। सत्तारूढ़ भाजपा के कई नेताओं ने भी एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच की मांग की है और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। बीजेपी के मंत्री  विजय कुमार सिन्हा, मिथलेश तिवारी, पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे, राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा जैसे कई नेताओं ने भरत तिवारी के एनकाउंटर पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. लेकिन पुलिस ने भरत के पिता और भाई पर भी मुकदमा कर दिया है.


विपक्षी दलों ने इसे फर्जी एनकाउंटर बताते हुए राज्य सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है।पुलिस का दावा है कि कार्रवाई पूरी तरह कानून के अनुसार की गई थी और टीम पर हमला होने के बाद जवाबी कार्रवाई में भरत भूषण तिवारी मारा गया। हालांकि, परिवार का कहना है कि यह एनकाउंटर फर्जी था और पुलिस ने पहले से तय प्लानिंग के तहत युवक को मार गिराया।वर्तमान स्थिति:


उधर सरकार कह रही है कि मामले की जांच चल रही है। निलंबित थानाध्यक्ष राजेश मालाकार पर विभागीय कार्रवाई जारी है। वहीं, मृतक के परिवार ने न्याय की मांग को लेकर आगे कानूनी लड़ाई लड़ने का फैसला किया है। इस घटना ने बिहार में पुलिस एनकाउंटरों की विश्वसनीयता और जवाबदेही को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।