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बांग्लादेशी महिला को भारतीय युवक से हुआ ऐसा प्यार, मोदी सरकार से कर दी ये बड़ी मांग

DESK: बांग्लादेश की रहने वाली एक हिंदू महिला को भारतीय युवक से ऐसा प्यार हुआ कि दोनों ने साल 2007 मे ही शादी रचा ली थी। भारत सरकार द्वारा नागरिकता संसोधन अधिनियम यानी सीएए के लागू

बांग्लादेशी महिला को भारतीय युवक से हुआ ऐसा प्यार, मोदी सरकार से कर दी ये बड़ी मांग
Mukesh Srivastava
2 मिनट

DESK: बांग्लादेश की रहने वाली एक हिंदू महिला को भारतीय युवक से ऐसा प्यार हुआ कि दोनों ने साल 2007 मे ही शादी रचा ली थी। भारत सरकार द्वारा नागरिकता संसोधन अधिनियम यानी सीएए के लागू होने के बाद मोदी सरकार से भारतीय नागरिकता की मांग कर दी है। महिला ने इसके लिए आवेदन किया है। 


इससे पहले भी महिला ने नागरिकता के लिए अर्जी लगाई थी लेकिन किसी कारणवश उसे नागरिकता नहीं मिल सकी थी। महिला साल 2007 में अपनी बीमार मां के साथ सिलचर आई थी और करीमगंज के बदरपुर के युवक से उसकी मुलाकात हुई थी। दोनों की दोस्ती हो गई और बाद में दोस्ती प्यार में बदल गई। फिर क्या था दोनों ने शादी रचा ली और महिला यहीं रहने लगी।


देश में सीएए लागू होने के बाद महिला ने भारत की नागरिका पाने के लिए आवेदन दिया है। उसे पूरी उम्मीद है कि इस बार सरकार उसकी मांग जरूर पूरा कर देगी। इससे पहले इसी साल अगस्त महीने में सिलचर निवासी दुलन दास बांग्लादेश से सीएए के तहत नागरिकता पाने वाले पहले प्रवासी बने थे। 


सीएए के प्रावधानों के मुताबिक, महिला को इसका साक्ष्य देना होगा कि वह बांग्लादेश की निवासी थी और 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत आई थी। आवेदक को यह साबित करना होगा कि वह 2014 से अभी तक भारत में ही रही है। महिला ने बांग्लादेश के अपने शैक्षणिक प्रमाण पत्र के साथ साथ शादी के साक्ष्य भी प्रस्तुत किए हैं।

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