मानसिक रूप से बीमार निकला अयोध्या राम मंदिर परिसर में नमाज़ पढ़ने वाला कश्मीरी, पुलिस ने किया परिजनों के हवाले

एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि हिरासत में लिए गए अहद शेख के परिजनों ने दावा किया कि वह मानसिक बीमारी से पीड़ित है। शेख जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले का रहने वाला है। परिजनों ने अपने दावे के समर्थन में मेडिकल रिपोर्ट प्रस्तुत किया है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sun, 11 Jan 2026 06:20:08 PM IST

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पुलिस की कार्रवाई - फ़ोटो social media

AYODHYA: अयोध्या राम जन्मभूमि परिसर में कथित रूप से नमाज पढ़ने की कोशिश करने पर हिरासत में लिया गया कश्मीरी मानसिक रूप से बीमार निकला। पुलिस ने जब उसे पकड़ा तब रिपोर्ट के आधार पर उसे परिजनों के हवाले कर दिया गया। एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि हिरासत में लिए गए व्यक्ति अहद शेख के परिजनों ने दावा किया था कि वह मानसिक बीमारी से पीड़ित है। 


जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले के रहने वाले शेख के परिजनों ने उसका मेडिकल रिपोर्ट पुलिस को सौंपा। जिससे पता चलता है कि वह मानसिक रूप से बीमार है। वही पुलिस ने बताया कि शेख शनिवार को मंदिर परिसर में कथित तौर पर नमाज पढ़ने की तैयारी कर रहा था, तभी उसे हिरासत में लिया गया। जांच में मंदिर परिसर में मौजूद कुछ कश्मीरी युवकों से भी पूछताछ की गई, लेकिन उनके पास कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली। उनके पते का सत्यापन करने के बाद उन्हें उनके सामान के साथ छोड़ दिया गया।


बता दें कि रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के बाद से राम जन्मभूमि परिसर की सुरक्षा और अधिक संवेदनशील हो गई है। परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं, जिसमें फेस रीडिंग और हाई फ्रीक्वेंसी सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से हर व्यक्ति की निगरानी की जाती है। इसके बावजूद कभी-कभी संदिग्ध प्रवेश की कोशिशें होती रहती हैं।


यह घटना पिछले कुछ हफ्तों में सुरक्षा में होने वाली चूक का उदाहरण भी है। इससे पहले 5 जून को एक अधेड़ व्यक्ति कुबेर टीला तक प्रवेश कर गया था, जिससे सुरक्षा अधिकारियों ने स्पष्टीकरण मांगा था। शनिवार की घटना से परिसर के अधिकारियों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ गई है।


बता दें कि बीते शनिवार की थी जब अधेड़ उम्र का वह व्यक्ति राम मंदिर में दर्शन करने के बाद मंदिर परिसर के दक्षिणी परकोटे क्षेत्र की ओर बढ़ा. इसी दौरान उसने वहीं नमाज़ पढ़ने की कोशिश शुरू कर दी. उसने नमाज पढ़ने के लिए अपना गमछा बिछाया. इसी बीच श्रद्धालुओं और सुरक्षाकर्मियों की नजर उसकी गतिविधियों पर पड़ी,  उन्होंने उसे तुरंत रोका और हिरासत में ले लिया था।