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Nitish Kumar Oath Ceremony : गांधी मैदान में हो सकता है नीतीश कुमार का 10वां शपथ ग्रहण, पीएम मोदी की मौजूदगी से कार्यक्रम होगा भव्य

Nitish Kumar Oath Ceremony : बिहार में नई सरकार का ऐतिहासिक क्षण करीब है। नीतीश कुमार दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ गांधी मैदान में लेंगे। समारोह में पीएम मोदी की मौजूदगी की संभावना से कार्यक्रम और खास हो गया है।

Nitish Kumar Oath Ceremony : गांधी मैदान में हो सकता है नीतीश कुमार का 10वां शपथ ग्रहण, पीएम मोदी की मौजूदगी से कार्यक्रम होगा भव्य
Tejpratap
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Nitish Kumar Oath Ceremony : बिहार की राजनीति में एक बार फिर इतिहास लिखे जाने की तैयारी है। एनडीए की ऐतिहासिक जीत के बाद जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। इस बार का समारोह कई मायनों में खास होगा, क्योंकि यह आयोजन पारंपरिक राजभवन की बजाय पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में होने की संभावना है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हो सकते हैं, जिससे यह कार्यक्रम और भी भव्य और राजनीतिक रूप से अहम बन जाता है।


दसवीं बार सत्ता की कमान

बिहार के राजनीतिक इतिहास में नीतीश कुमार पहले ऐसे नेता बन जाएंगे जो 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। यह उपलब्धि उन्हें देश की उन चुनिंदा हस्तियों में शामिल करती है जिन्होंने लगातार कई दशक तक राजनीति पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है।


नीतीश कुमार ने पहली बार 2000 में मुख्यमंत्री पद की कमान संभाली थी। इसके बाद गठबंधन राजनीति, सामाजिक समीकरण और विकास एजेंडा के दम पर उन्होंने कई बार सत्ता में वापसी की। 2025 का विधानसभा चुनाव उनके लिए बेहद अहम था, क्योंकि एनडीए ने कुल 202 सीटें जीतकर एक बार फिर सत्ता में आने का रास्ता साफ किया।


गांधी मैदान चुने जाने का कारण

सूत्रों के अनुसार शपथ ग्रहण समारोह को जनता के बीच आयोजित करने के लिए गांधी मैदान को चुना गया है। यह वही मैदान है जहाँ कई ऐतिहासिक राजनीतिक कार्यक्रम होते रहे हैं—जेपी आंदोलन से लेकर कई राष्ट्रीय स्तर की रैलियाँ तक।


राजभवन की सीमित क्षमता और जनता की भारी भागीदारी को देखते हुए यह निर्णय काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बड़े स्तर पर समारोह आयोजित करने की तैयारी प्रशासन ने शुरू कर दी है। मंच निर्माण, सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दे दिए गए हैं।


पीएम मोदी की उपस्थिति बड़े संकेत

सूत्रों के मुताबिक पीएम नरेंद्र मोदी का शपथ ग्रहण में शामिल होना लगभग तय माना जा रहा है। चुनाव अभियान के दौरान भी मोदी ने कहा था कि वे “जबर्दस्त जनादेश” मिलने पर शपथ ग्रहण में शामिल होंगे।प्रधानमंत्री की उपस्थिति कई संदेश देती है। जिसमें केंद्र और बिहार सरकार के बीच मजबूत तालमेल, एनडीए गठबंधन की मजबूती, बिहार के विकास एजेंडा को राष्ट्रीय स्तर पर प्राथमिकता मोदी की उपस्थिति से यह भी संकेत जाता है कि 2025 के चुनाव के बाद नीतीश और भाजपा के रिश्तों में नई मजबूती आई है, जिससे सरकार का कार्यकाल स्थिर होने की संभावना बढ़ जाती है।


सरकार गठन की गतिविधियाँ तेज

चुनाव परिणाम आने के बाद ही एनडीए की बैठकों का दौर शुरू हो गया है। जेडीयू, बीजेपी, एलजेपी(राम) और अन्य सहयोगी दलों के विधायकों को पटना में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। एनडीए विधायक दल की बैठक में आधिकारिक रूप से नीतीश कुमार को नेता चुना जाएगा, जिसके बाद वे राज्यपाल से मिलकर सरकार गठन का दावा पेश करेंगे। संभावना है कि इस प्रक्रिया के पूरा होते ही दो से तीन दिनों के भीतर शपथ ग्रहण समारोह हो जाएगा।


कैबिनेट में फेरबदल और नए चेहरे

नीतीश कुमार इस बार अपनी कैबिनेट में कुछ नए चेहरे शामिल कर सकते हैं। दलित, पिछड़ा वर्ग और युवा नेताओं को ज्यादा प्रतिनिधित्व मिलने की चर्चा है। जेडीयू और भाजपा के बीच मंत्री पदों को लेकर सहमति बन चुकी है। सूत्रों का कहना है कि इस बार कैबिनेट को विभिन्न क्षेत्रों के तकनीकी विशेषज्ञों, शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिनिधियों को जगह देकर अधिक मजबूत और संतुलित बनाने की योजना है।


बड़ी चुनौतियाँ भी सामने

नीतीश कुमार भले ही 10वीं बार मुख्यमंत्री बन रहे हों, लेकिन चुनौतियों की संख्या कम नहीं है। बेरोज़गारी ,कानून व्यवस्था ,शिक्षा व्यवस्था में सुधार, बाढ़ और सूखे जैसी आपदाओं की चुनौती, निवेश बढ़ाना और उद्योगों को बढ़ावा देना बिहार के लिए अब एक स्थिर, मजबूत और योजनाबद्ध सरकार की जरूरत है। उम्मीद है कि नीतीश कुमार अपने अनुभव और प्रशासनिक कौशल से इन चुनौतियों से निपटने की कोशिश करेंगे। गांधी मैदान में आयोजन होने के कारण भारी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ सकती है। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए ड्रोन निगरानी , हाइटेक कैमरे, विशेष सुरक्षा दस्तों की तैनाती की योजना बनाई है।