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Lalan Singh : 'घरे में बंद कर दिहो ...', केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को अनंत सिंह के वोट अपील में यह बातें बोलना पड़ा महंगा, पटना DM ने दर्ज किया FIR; जानिए क्या है पूरा मामला

यह विवाद मोकामा में जदयू नेता ललन सिंह के एक बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर मतदाताओं को घर में बंद रखने की बात कही। चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया और FIR दर्ज की गई।

Lalan Singh : 'घरे में बंद कर दिहो ...', केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को अनंत सिंह के वोट अपील में यह बातें बोलना पड़ा महंगा, पटना DM ने दर्ज किया FIR; जानिए क्या है पूरा मामला
Tejpratap
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केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को अनंत सिंह के लिए वोट अपील करते समय एक वाक्य कहना काफी महंगा पड़ गया। इसके बाद अब पटना के डीएम की तरफ से उनके ऊपर FIR दर्ज किया गया है। इससे पहले चुनाव आयोग ने नोटिस जारी कर उनसे 24 घंटे में इस मामले में जवाब देने को भी कहा है। हालांकि, ललन सिंह ने इसे एडिटेड वीडियो बताया है। अब देखना यह है कि जदयू नेता चुनाव आयोग को इसका जवाब कैसे और क्या देते हैं। लेकिन अब लोगों में यह जानने की उत्सुकता है कि आखिर माजरा क्या है, तो चलिए हम आपको बताते हैं कि मामला क्या है?


घटना का बैकग्राउंड: मोकामा में तनाव

दरअसल, मोकामा में 30 अक्टूबर को एक घटना घटी, जिसके बारे में हम आपको थोड़ी जानकारी दे देते हैं, उसके बाद इस मामले पर आते हैं। 30 अक्टूबर को जदयू के उम्मीदवार अनंत सिंह, जो इस इलाके से पहले भी विधायक रह चुके हैं, अपने काफिले के साथ मोकामा के टाल इलाके में वोट मांगने गए थे। इसी दौरान सामने से जनसुराज के उम्मीदवार पियूष प्रियदर्शी का काफिला भी आ रहा था। तभी किसी बात को लेकर अनबन होती है और इस दौरान दुलारचंद यादव नामक एक शख्स की हत्या हो जाती है। इसके बाद इस मामले में अनंत सिंह का नाम आता है और पुलिस उन्हें आधी रात को गिरफ्तार कर लेती है। 


ललन सिंह का प्रचार और विवादित बयान

इसके बाद समस्या यह हो जाती है कि यहां जदयू की कमान कौन संभालेगा, तो ललन सिंह मैदान में आते हैं और कमान संभालने का खुला ऐलान करते हैं। इस बीच कल दोपहर ललन सिंह अपने काफिले के साथ मोकामा के शिवनार गांव पहुंचे और वहां एक छोटी सी सभा की। इस दौरान उन्होंने मगही अंदाज में कहा: "इहाँ एक गो नेता हैं, उनका वोट वाला दिन निकले नइ दिहो, घरे में बंद कर दिहो, आ यदि ढेर गौर-मुड़ी पकड़थुन त साथे ले जइबहो , आ वोट देलवा के वापस घर में बंद कर दिहो।" इसके बाद ललन और अनंत के समर्थकों ने इनके समर्थन में जमकर नारेबाजी की। अब सवाल यह है कि यह इशारा किसकी तरफ था, तो आइए आपको वह भी बताते हैं।


बयान का इशारा किस ओर था?

दरअसल, ललन सिंह यह बात शिवनार के महादेव मंदिर वाले रास्ते पर कह रहे थे। इस गांव के रहने वाले कार्तिक मास्टर वर्तमान में राजद के विधान पार्षद हैं और उनकी पत्नी भी शिवनार पंचायत की मुखिया हैं। ऐसे में उनका गांव में अच्छा प्रभाव है और वे भूमिहार समाज से आते हैं, जिन पर उनका अच्छा खासा असर है। इस समाज के लोग गोलबंद हो रहे थे, तो यह प्रभाव वहां जरूर पड़ सकता था। ऐसी स्थिति में, गांव वाले मानते हैं कि ललन सिंह का इशारा उन्हीं की तरफ था। हालांकि, उनकी पहचान शुरुआती दिनों में अनंत सिंह के सहयोगी के रूप में थी। लेकिन नीतीश-तेजस्वी सरकार में यह मंत्री बने और बाद में विवादों के कारण मंत्री पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा। इसके बाद राजद ने उन्हें एमएलसी बनवाया और तब से वे राजद के साथ हैं और इस चुनाव में भी खुलकर समर्थन कर रहे हैं।


चुनाव आयोग का एक्शन

पटना जिलाधिकारी ने X पर एक पोस्ट में लिखा, "जिला प्रशासन, पटना द्वारा वीडियो निगरानी टीम के वीडियो फुटेज की जांच की गई। जांचोपरांत इस मामले में श्री ललन सिंह उर्फ श्री राजीव रंजन सिंह के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता एवं लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।"


इससे पहले चुनाव आयोग ने केंद्रीय मंत्री और जदयू नेता ललन सिंह को नोटिस भेजा था। आयोग ने उनसे 24 घंटे के अंदर जवाब देने को कहा है। इतना ही नहीं, RJD ने X पर लिखा, "केंद्रीय मंत्री ललन सिंह चुनाव आयोग की छाती पर बुलडोजर चढ़ाते हुए कह रहे हैं कि गरीबों को वोटिंग के दिन घर से निकलने नहीं देना है! घर में बंद कर देना है, अगर ज्यादा हाथ-पैर जोड़ेगा तो अपने साथ ले जाकर वोट गिराने देना है। कहां है मरा हुआ आयोग?"


आपको बताते चलें कि बिहार विधानसभा चुनाव में पहले चरण के लिए प्रचार आज यानी 4 नवंबर की शाम को समाप्त हो रहा है। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने सोमवार को मोकामा में बाहुबली जदयू उम्मीदवार अनंत सिंह के समर्थन में प्रचार किया। बिहार की 243 सीटों वाली विधानसभा के लिए मतदान दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को होगा। मतों की गिनती 14 नवंबर को होगी।