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Bihar elections : बिहार में नई सरकार गठन की तैयारियाँ तेज, आज खत्म होगी आदर्श आचार संहिता, 18 से 20 नवंबर के बीच नीतीश कुमार ले सकते हैं शपथ

बिहार में चुनाव बाद नई सरकार गठन की तैयारियाँ तेज हो गई हैं। आदर्श आचार संहिता आज खत्म होते ही कैबिनेट बैठक में विधानसभा भंग का प्रस्ताव आ सकता है। नीतीश कुमार 18 से 20 नवंबर के बीच शपथ ले सकते हैं।

Bihar elections : बिहार में नई सरकार गठन की तैयारियाँ तेज, आज खत्म होगी आदर्श आचार संहिता, 18 से 20 नवंबर के बीच नीतीश कुमार ले सकते हैं शपथ
Tejpratap
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5 मिनट

Bihar elections : बिहार में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद नई सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। चुनाव परिणाम घोषित होने के साथ ही राज्य में लागू आदर्श आचार संहिता आज समाप्त हो जाएगी, जिसके बाद सरकार बनाने की अंतिम कवायद शुरू हो जाएगी। सोमवार को मौजूदा सरकार की आखिरी कैबिनेट बैठक होने की संभावना है, जिसमें विधानसभा भंग करने का प्रस्ताव भी पास किया जा सकता है। इसके साथ ही राज्य में नई सरकार गठन का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा।


सूत्रों के अनुसार, चुनाव परिणामों के बाद NDA सरकार बनाने की दिशा में आगे बढ़ चुका है और सीटों के अनुसार सहयोगी दलों के बीच बातचीत जारी है। वहीं, दूसरी ओर बीजेपी और उसके शीर्ष नेतृत्व भी बिहार के राजनीतिक घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेजी से चल रही है कि बिहार में नई सरकार का शपथ ग्रहण 18 से 20 नवंबर के बीच हो सकता है।


पीएम मोदी की उपलब्धता के आधार पर तय होगी तारीख

सूत्र बताते हैं कि शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल होंगे। इसी वजह से शपथ लेने की अंतिम तारीख पीएम की उपलब्धता के अनुसार तय की जाएगी। माना जा रहा है कि केंद्र और राज्य के बीच लगातार बातचीत चल रही है, ताकि एक उपयुक्त तारीख और समय सुनिश्चित किया जा सके। शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा के बड़े नेताओं की मौजूदगी भी तय मानी जा रही है। इसके साथ ही राज्य और राष्ट्रीय स्तर के कई वरिष्ठ नेता बिहार के राजनीतिक बदलाव का हिस्सा बनने के लिए पटना आने वाले हैं।


दिल्ली में तेज राजनीतिक गतिविधियाँ

बिहार में सरकार गठन को लेकर दिल्ली में भी राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हुई हैं। शनिवार की रात जदयू के  कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) और अन्य वरिष्ठ नेता दिल्ली पहुंचे। बताया जा रहा है कि इन नेताओं ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और बिहार की राजनीतिक स्थिति पर लंबी चर्चा हुई।


इस बैठक के बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा और तेज हो गई है कि बिहार की नई सरकार के स्वरूप को लेकर अंतिम निर्णय जल्द सामने आ सकता है। बीजेपी के कई बड़े नेताओं के साथ हुई बैठक के बाद यह संकेत मिल रहा है कि केंद्र और राज्य की राजनीति को ध्यान में रखते हुए एक संतुलित सरकार बनाने की कोशिशें जारी हैं।


नीतीश कुमार फिर होंगे मुख्यमंत्री!

रिपोर्ट्स के अनुसार, बिहार की राजनीति में एक बार फिर नीतीश कुमार महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हैं। माना जा रहा है कि वे 18 से 20 नवंबर के बीच मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। हालांकि, इस बारे में अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन दोनों ही गठबंधनों के भीतर चल रही बैठकों और सक्रियता से यह स्पष्ट है कि नीतीश कुमार राज्य की सत्ता का नेतृत्व एक बार फिर संभालने के लिए तैयार हैं।


क्या बदलाव आएगा?

नई सरकार के गठन के साथ बिहार की राजनीति में कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। नई कैबिनेट में किन दलों को कितनी हिस्सेदारी मिलेगी, यह बातचीत का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है। राज्य की प्रशासनिक प्राथमिकताएँ भी नई सरकार के साथ बदल सकती हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और कानून-व्यवस्था जैसे क्षेत्रों में नई रणनीतियाँ लागू की जा सकती हैं।


अंतिम चरण में सरकारी तैयारियाँ

राजधानी पटना में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं। सुरक्षा व्यवस्था, अतिथि सूची, मंच, और आमंत्रित नेताओं के लिए विशेष व्यवस्थाओं पर काम चल रहा है। राज्य सरकार और राजभवन के बीच भी निरंतर संपर्क बना हुआ है ताकि पूरी प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी की जा सके।


कुल मिलाकर, बिहार की राजनीति अगले कुछ दिनों में एक नए अध्याय में प्रवेश करने वाली है, जहाँ नई सरकार का ढांचा, नेतृत्व और प्राथमिकताएँ राज्य की दिशा तय करेंगी। सभी की निगाहें अब 18–20 नवंबर के बीच होने वाले संभावित शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हैं