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Bihar Election : तेज प्रताप यादव बोले– महुआ अब हमारे नाम से जाना जाता है, महिलाओं की बढ़ी भागीदारी से होगा बदलाव

बिहार चुनाव के दूसरे चरण में महुआ से जनशक्ति जनता दल के प्रत्याशी तेज प्रताप यादव ने कहा कि मतदान शानदार हो रहा है, महिलाएं बढ़-चढ़कर वोट डाल रही हैं। उन्होंने दावा किया कि महुआ अब उनके नाम से जाना जाता है और इस बार बदलाव जरूर होगा।

Bihar Election : तेज प्रताप यादव बोले– महुआ अब हमारे नाम से जाना जाता है, महिलाओं की बढ़ी भागीदारी से होगा बदलाव
Tejpratap
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Bihar Election : बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में मंगलवार को मतदान जारी है। इस बीच जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष और महुआ सीट से प्रत्याशी तेज प्रताप यादव ने अपने अंदाज में चुनावी माहौल पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि “अच्छी वोटिंग हो रही है, लोग अपने तरीके से मतदान कर रहे हैं। महिलाएं बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं, जो लोकतंत्र के लिए बहुत अच्छा संकेत है। मुझे पूरी उम्मीद है कि इस बार बदलाव जरूर होगा।”


तेज प्रताप यादव ने महुआ विधानसभा क्षेत्र में हो रहे मतदान के बीच पत्रकारों से बातचीत में कहा कि “महुआ अब हमारे नाम से जाना जाता है, किसी और के नाम से नहीं।” यह बयान उन्होंने तब दिया जब उनसे राजद के विकास कार्यों पर सवाल पूछा गया। उन्होंने कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और इस बार का जनादेश एक नई दिशा तय करेगा।


गौरतलब है कि दूसरे चरण में बिहार के 20 जिलों की 122 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। चुनाव आयोग के अनुसार दोपहर एक बजे तक 47 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया है, जबकि शाम छह बजे तक वोटिंग जारी रहेगी। कुछ नक्सल प्रभावित सीटों पर शाम पांच बजे तक ही मतदान होगा।


इस चरण में सबसे ज्यादा चर्चा तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव के रिश्तों को लेकर भी है। तेजस्वी ने महुआ सीट पर अपने भाई के खिलाफ प्रचार किया था, जबकि तेज प्रताप ने राघोपुर में तेजस्वी के खिलाफ कैंपेन चलाया। दोनों ने अपने-अपने दलों के प्रत्याशियों के लिए वोट मांगे और एक-दूसरे पर अप्रत्यक्ष निशाना साधा।


तेजस्वी यादव ने चुनाव प्रचार के दौरान दावा किया था कि वे 18 नवंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए तेज प्रताप ने मुस्कुराते हुए कहा, “14 नवंबर को पता चल जाएगा।” उनका इशारा चुनाव परिणामों की ओर था, जो 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।


पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान होने के बाद दूसरे चरण में भी लोगों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। महिलाएं, युवा और पहली बार वोट डालने वाले मतदाता बड़ी संख्या में बूथों तक पहुंच रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार के चुनाव में युवा और महिला मतदाता निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।


तेज प्रताप यादव ने हाल ही में आरजेडी से अलग होकर अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल (JJD) बनाई है, जो इस चुनाव में 25 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार रही है। उनका कहना है कि उनकी पार्टी आम लोगों की आवाज बनेगी और नए बिहार की नींव रखेगी। उन्होंने कहा कि “हमारा उद्देश्य सिर्फ सत्ता नहीं, बल्कि जनता की सेवा करना है। लोग बदलाव चाहते हैं, और जनशक्ति जनता दल वही बदलाव लेकर आएगा।”


बिहार में इस बार का चुनाव न केवल राजनीतिक दलों के लिए बल्कि यादव परिवार के लिए भी एक नई परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। तेजस्वी जहां आरजेडी की बागडोर संभाल रहे हैं, वहीं तेज प्रताप अपनी अलग पहचान बनाने में जुटे हैं। मतदान के रुझानों से यह तय होगा कि जनता किस भाई के साथ खड़ी है — “परंपरा” के साथ या “परिवर्तन” के साथ।


14 नवंबर को जब नतीजे आएंगे, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि बिहार ने किसे अपना भविष्य सौंपा है — क्या जनता तेजस्वी के नेतृत्व में राजद को मौका देगी या तेज प्रताप की नई पार्टी को जनसमर्थन मिलेगा। फिलहाल, दूसरे चरण के मतदान ने यह साबित कर दिया है कि बिहार की जनता जागरूक है और लोकतंत्र के इस महापर्व में पूरे जोश से हिस्सा ले रही है।