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Bihar Assembly Election : नबीनगर से चेतन आनंद ने जदयू के लिए किया नामांकन, कहा- वाराणसी के लिए मोदी बाहरी नहीं तो मैं भी नहीं

नबीनगर विधानसभा सीट पर जदयू प्रत्याशी चेतन आनंद ने नामांकन दाखिल किया। सांसद मां लवली आनंद भी साथ रहीं। देखें चुनावी माहौल और समर्थकों की प्रतिक्रिया।

Bihar Assembly Election : नबीनगर से चेतन आनंद ने जदयू के लिए किया नामांकन, कहा- वाराणसी के लिए मोदी बाहरी नहीं तो मैं भी नहीं
Tejpratap
Tejpratap
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Bihar Assembly Election : बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 को लेकर हॉट सीट मानी जाने वाली नबीनगर विधानसभा में सियासी हलचल बढ़ गई है।यहां  शिवहर की सांसद लवली आनंद और चर्चित राजपूत नेता आनंद मोहन के बेटे व हाल-फिलहाल तक विधायक रहे चेतन आनंद ने जदयू प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है। इस महत्वपूर्ण मौके पर उनकी सांसद मां लवली आनंद भी उनके साथ मौजूद रही।


चेतन आनंद ने अपने समर्थकों के साथ नबीनगर विधानसभा पहुंचने से पहले एक भव्य वाहनों का काफिला निकाला। हजारों समर्थकों के साथ दर्जनों वाहनों का यह काफिला औरंगाबाद की सड़कों पर गुजरा, जिससे क्षेत्र में चुनावी माहौल और गर्म हो गया। वाहनों की पार्किंग के बाद चेतन आनंद और उनके समर्थक पैदल जुलूस के रूप में औरंगाबाद जिला समाहरणालय के मुख्य द्वार तक पहुंचे। यहां उन्होंने निर्वाचक पदाधिकारी सह औरंगाबाद के भूमि सुधार उप समाहर्ता श्वेतांक लाल के समक्ष नामांकन का परचा दाखिल किया।


नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद बाहर आते ही उनके समर्थकों ने उन्हें फूलों की माला से लादकर उत्साहपूर्ण नारे लगाए। समर्थकों की इस जोशीली मौजूदगी ने चेतन आनंद को भी भावुक कर दिया। इस अवसर पर चेतन आनंद ने कहा कि नबीनगर उनके लिए सिर्फ एक विधानसभा क्षेत्र नहीं है, बल्कि उनका बचपन का घर है। उन्होंने बताया कि जब उनकी मां लवली आनंद नबीनगर की विधायक थीं, तब उनका बचपन यहीं बीता।


चेतन आनंद ने आगे कहा, “यहां ऐसे भी मेरे अभिभावक हैं जिनके गोद में मैंने खेला है। यह मेरे लिए बेहद भावुक पल है। जितना शिवहर के लोग मुझे चाहते हैं, उतना ही नबीनगर के लोग चाहते हैं। दोनों की चाहत बराबर है। इसलिए जब मैं शिवहर से यहां आ रहा था, तो वहां के लोग भावुक थे और जब नबीनगर के लोगों के बीच हूं, तो यहां के लोग और मैं स्वयं भी भावुक हूं।”


बाहरी उम्मीदवार होने के सवाल पर चेतन आनंद ने साफ शब्दों में कहा कि वे यहां के लिए बिल्कुल बाहरी नहीं हैं। उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण दिया। चेतन आनंद ने कहा, “जब वाराणसी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बाहरी नहीं हैं, तो मैं भी नबीनगर के लिए बाहरी नहीं हूं। मेरी मां जब नबीनगर की विधायक थीं, तो मेरा बचपन यहीं बीता। मैंने यहां के अभिभावकों की गोद में खेला है। जो लोग उस समय मेरे अभिभावक रहे, वे भी आज यहां मौजूद हैं। उनसे पूछिए कि वे मुझे बाहरी मानते हैं या अपना बेटा।”


नबीनगर विधानसभा सीट को हमेशा से ही राजनीतिक हलचल का केंद्र माना गया है। इस बार भी चुनाव के मद्देनजर दोनों प्रमुख पार्टियों के लिए यह क्षेत्र रणनीतिक महत्व रखता है। चेतन आनंद का नामांकन और समर्थकों की भारी मौजूदगी जदयू की साख को मजबूत करने के प्रयास का प्रतीक है।


नामांकन के दौरान चेतन आनंद के साथ उनकी मां लवली आनंद, परिवार के सदस्य और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। उन्होंने समर्थकों को संबोधित करते हुए चेतन आनंद के लिए वोट की अपील की। इस मौके पर नबीनगर के स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में पहुंचे और उनका उत्साह देखते ही बन रहा था।


चेतन आनंद का कहना है कि उनका मकसद नबीनगर के विकास के लिए काम करना है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को ध्यान में रखते हुए ही उनका चुनावी अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने युवाओं, महिलाओं और किसान समुदाय के लिए विशेष योजनाओं का वादा किया।


राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि नबीनगर सीट पर चेतन आनंद का प्रवेश चुनावी समीकरण बदल सकता है। उनके परिवार का राजनीतिक प्रभाव, मां लवली आनंद की लोकप्रियता और स्थानीय स्तर पर उनकी पहचान चुनावी माहौल को बेहद रोचक बना रही है।


इस प्रकार नबीनगर विधानसभा सीट पर जदयू के लिए चेतन आनंद का नामांकन न केवल पार्टी की राजनीतिक ताकत को दर्शाता है, बल्कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में इस सीट के लिए सत्तारूढ़ गठबंधन की रणनीति का भी एक अहम हिस्सा है।

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