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Bihar tourism 2025 : : अब बिहार के इस जिले में भी ले सेकेंगे रोपवे का मजा, इस मंदिर तक पहुंच सकेंगे पर्यटक और श्रद्धालु

कैमूर जिले में चौरासन मंदिर तक 1300 मीटर लंबा रोपवे बन रहा है। 13 करोड़ की लागत से बने इस रोपवे से श्रद्धालु और पर्यटक केवल 15-20 मिनट में पहाड़ी तक पहुंच सकेंगे।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Oct 20, 2025, 12:26:24 PM

Bihar tourism 2025 : : अब बिहार के इस जिले में भी ले सेकेंगे रोपवे का मजा, इस मंदिर तक पहुंच सकेंगे पर्यटक और श्रद्धालु

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Bihar tourism 2025 : बिहार में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में अब कैमूर जिले में चौरासन मंदिर तक रोपवे निर्माण का काम जोरों पर है। 1300 मीटर लंबा यह रोपवे लगभग 13 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है, जिससे पर्यटक और श्रद्धालु केवल 15 से 20 मिनट में पहाड़ी तक पहुंच सकेंगे। इसके लिए 12 केबिन और ड्रॉपिंग सिस्टम की सुविधा प्रदान की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, जल्द ही इसका ट्रायल शुरू होने की संभावना है।


चौरासन मंदिर धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल है। यहां तक पहुंचने के लिए अब तक श्रद्धालुओं को 84 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती थी, जिससे इस स्थान का नाम ‘चौरासन’ पड़ा। यह पहाड़ी लगभग 1500 फीट ऊंची है और सड़क मार्ग से आने वाले लोगों को करीब 60 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। रोपवे बनने के बाद श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यह मार्ग आसान और सुविधाजनक हो जाएगा।


माना जा रहा है कि रोपवे बनने से यहां आने वाले लोगों की संख्या में काफी वृद्धि होगी। पर्वतीय और जंगलों के बीच बने इस रास्ते से यात्रा करना न केवल सुविधाजनक होगा, बल्कि यह एक तरह का प्राकृतिक अनुभव भी प्रदान करेगा। रास्ते में बहती नदियां, हरे-भरे पेड़ और पहाड़ियों के बीच बने मार्ग से यह सफर और भी रोमांचक और शांतिपूर्ण बनेगा। पास में बहते झरने की आवाज वातावरण को और अधिक पवित्र और मनमोहक बना देती है।


जब चौरासन मंदिर बादलों से ढक जाता है, तो इसका दृश्य अत्यंत मनोहारी लगता है। ऐसे में लगता है जैसे प्रकृति स्वयं इस मंदिर को सजाती हो। पर्यटक और श्रद्धालु इस दृश्य को देखकर मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। मंदिर तक पहुंचने का अनुभव एक तरह की तीर्थ यात्रा जैसा होता है, जिसमें भक्ति और प्रकृति दोनों का अनुभव होता है।


सरकार की इस पहल से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि कैमूर जिले की प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक महत्व को भी देश-विदेश के पर्यटकों तक पहुंचाया जा सकेगा। रोपवे के निर्माण के साथ ही पर्यटक यहां आने में लगने वाले समय और प्रयास को कम कर पाएंगे, जिससे यह स्थान अधिक आकर्षक और सुलभ बन जाएगा।


इस परियोजना से स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। रोपवे निर्माण और संचालन में स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। साथ ही, आसपास की दुकानों, रेस्टोरेंट और अन्य पर्यटन-संबंधित सेवाओं में भी वृद्धि होगी। यह परियोजना क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगी और कैमूर को बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करेगी।


बहरहाल  कहा जा सकता है कि चौरासन मंदिर तक रोपवे का निर्माण न केवल धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत को भी नए सिरे से सामने लाएगा। जल्द ही श्रद्धालु और पर्यटक इस सुविधा का लाभ उठाते हुए पहाड़ी और मंदिर तक आसानी से पहुंच सकेंगे और मनमोहक दृश्यों का आनंद ले सकेंगे।