Bihar Chunav 2025 : वोटर कार्ड नहीं है तो क्या वोट नहीं डाल सकते? जानिए चुनाव आयोग का बड़ा निर्देश

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण में 20 जिलों की 122 सीटों पर मतदान जारी है। भीड़, उत्साह और लोकतंत्र का जश्न—जानिए बिना वोटर कार्ड के भी कैसे डाल सकते हैं वोट।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Tue, 11 Nov 2025 07:32:26 AM IST

Bihar Chunav 2025 : वोटर कार्ड नहीं है तो क्या वोट नहीं डाल सकते? जानिए चुनाव आयोग का बड़ा निर्देश

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Bihar Chunav 2025 : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 अब अपने फाइनल राउंड में दस्तक दे चुका है। मंगलवार को दूसरे चरण के तहत सूबे के 20 जिलों की 122 विधानसभा सीटों पर मतदान का आगाज़ हो चुका है। हर तरफ जश्न-ए-लोकतंत्र का माहौल है। सुबह-सुबह ही मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की लंबी कतारें दिखाई देने लगीं। बुजुर्गों से लेकर युवा और पहली बार वोट डालने वाले मतदाता तक उत्साह के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। बिहार की सड़कों पर भीड़, गहमागहमी और सियासी हलचल यह साफ कर रही है कि जनता अब बदलाव की बागडोर खुद संभालने के लिए निकली है।


लेकिन इसी भीड़ में कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिनके चेहरे पर घबराहट साफ दिख रही है। कारण—“वोटर कार्ड नहीं है, तो क्या मेरा वोट डूब गया?” यह सवाल आम है, लेकिन इसका जवाब उतना ही स्पष्ट और मजबूत है — “नहीं!”चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि हर योग्य मतदाता को मतदान का पूरा अधिकार है, चाहे उसके पास वोटर कार्ड (EPIC) हो या न हो।


EPIC नहीं है तो भी डाल सकते हैं वोट

अगर आपके पास EPIC यानी फोटो वोटर कार्ड नहीं है, तो भी चिंता की कोई बात नहीं। चुनाव आयोग ने इसके विकल्प के तौर पर 12 मान्य पहचान पत्रों की सूची जारी की है, जिनमें से किसी एक दस्तावेज को दिखाकर आप मतदान कर सकते हैं। बस एक शर्त है — आपका नाम मतदाता सूची (voter list) में होना चाहिए। अगर नाम लिस्ट में दर्ज है, तो आपकी पहचान और वोट दोनों सुरक्षित हैं।


ये हैं मान्य पहचान पत्र : 

पासपोर्ट

ड्राइविंग लाइसेंस

पैन कार्ड

आधार कार्ड

बैंक या डाकघर की पासबुक

मनरेगा जॉब कार्ड

स्वास्थ्य बीमा (ESI) कार्ड

पेंशन से संबंधित पहचान पत्र

स्मार्ट कार्ड (NPR)

सांसद या विधायक द्वारा जारी आधिकारिक पहचान पत्र

सरकारी कर्मचारी का सर्विस कार्ड

अन्य सरकारी मान्यता प्राप्त पहचान पत्र

इनमें से कोई एक दस्तावेज साथ लेकर आप बिना किसी परेशानी के अपना वोट डाल सकते हैं।


लोकतंत्र में ‘इन्क्लूज़न’ ज़रूरी है, ‘एक्सक्लूज़न’ नहीं


कई बार ऐसा होता है कि मतदाता का कार्ड समय पर बन नहीं पाता, या फिर कहीं खो जाता है। कुछ लोग दूर-दराज़ में रहते हैं और उन्हें वोटर कार्ड की कॉपी समय पर नहीं मिलती। ऐसे में चुनाव आयोग ने मतदाताओं के अधिकार को सुरक्षित रखते हुए यह प्रावधान किया है कि पहचान की कमी किसी भी नागरिक के वोट डालने में बाधा नहीं बन सकती। इस व्यवस्था का मकसद है कि कोई भी भारतीय नागरिक लोकतंत्र की प्रक्रिया से वंचित न रहे।


कांग्रेस, बीजेपी, राजद, जेडीयू, लोजपा जैसी बड़ी पार्टियाँ चाहे जितनी रणनीति बना लें, चुनावी नतीजे आखिरकार जनता की उंगलियों पर लगी स्याही ही तय करती है। क्योंकि लोकतंत्र में जनता ही असली बादशाह होती है।


मतदान से पहले ध्यान देने योग्य बातें

चुनाव आयोग ने मतदान केंद्रों पर अनुशासन और सुरक्षा के लिए कुछ जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं—


पहचान पत्र साथ रखें: ऊपर बताए गए 12 दस्तावेजों में से कोई एक जरूर साथ ले जाएं।


बूथ के अंदर मोबाइल से फोटो या वीडियो बनाना सख्त मना है।


लाइन में अनुशासन बनाए रखें: अफरातफरी या बहस से बचें।


बुजुर्गों और दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष सुविधा उपलब्ध है।


मतदान अधिकारी के निर्देशों का पालन करें।


लोकतंत्र की ताकत – आपकी उंगली की स्याही


आज का दिन सिर्फ वोट डालने का नहीं, बल्कि लोकतंत्र की ताकत दिखाने का दिन है। हर वोट देश के भविष्य की दिशा तय करता है। तो चाहे आपके पास EPIC कार्ड हो या नहीं, अगर नाम मतदाता सूची में दर्ज है, तो बूथ पर ज़रूर जाएं और अपना वोट डालें।


क्योंकि वोट सिर्फ अधिकार नहीं, जिम्मेदारी भी है। यह आपकी आवाज़ है, और आवाज़ कभी दबती नहीं — गूंजती है। बिहार आज मतदान कर रहा है, लेकिन असल में यह लोकतंत्र का उत्सव मना रहा है — “हम जागरूक हैं, हम लोकतंत्र के प्रहरी हैं।”